मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह में बस्तर के 74 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित
जगदलपुर, 05 सितंबर (हि.स.)। शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर शनिवार को स्थानीय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टाउन हॉल में संभाग स्तरीय ‘मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह’ अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य समारोह में संभाग के सातों जिलों से चयनित 74 उत्कृष्ट प्राचार्यों, संस्था प्रमुखों और व्याख्याताओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षा के उन्नयन में दिए गए उनके अतुलनीय योगदान के लिए अलंकृत कर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह में जिलास्तरीय सम्मान के अंतर्गत जगदलपुर जिले के सभी 7 विकासखंडों से चयनित 21 शिक्षकों को 'शिक्षा दूत सम्मान' से नवाजा गया। वहीं जिला स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन शिक्षकों को 'ज्ञान दीप सम्मान' से सम्मानित किया गया और सभी सम्मानित शिक्षकों को निर्धारित सम्मान निधि सहित शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
इस समारोह के मुख्य अतिथि सांसद बस्तर महेश कश्यप ने शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु ही जीवन से अज्ञान का अंधकार मिटाकर सही दिशा दिखाते हैं और मानव जीवन में उनका स्थान सर्वोपरि है। तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालयों की ऐतिहासिक महत्ता का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्मरण कराया कि भारत अनादि काल से ज्ञान का केंद्र और विश्वगुरु रहा है। उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति के विचारों का हवाला देते हुए रेखांकित किया कि विकास के साथ विरासत का संरक्षण अनिवार्य है, और इस सांस्कृतिक धरोहर को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने का दायित्व गुरुजनों पर ही है। सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि आज भगवान बिरसा मुंडा, वीर गेंदसिंह, गुंडाधूर और झाड़ा सिरहा जैसे महान आदिवासी क्रांतिवीरों को राष्ट्रीय स्तर पर यथोचित सम्मान मिल रहा है। उन्होंने बस्तर के बच्चों को संस्कारवान बनाकर राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करने का आह्वान गुरुजनों से किया और इस दिशा में निरंतर समर्पित प्रयास किए जाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जगदलपुर नगर निगम के महापौर संजय पाण्डे ने शिक्षकों की गरिमा और भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा पर प्रेरणादायी विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज का युग तकनीक, मोबाइल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है, जिससे किताबें पढ़ी जा सकती हैं और मशीनें चलाई जा सकती हैं, लेकिन एक संस्कारी, चरित्रवान और श्रेष्ठ नागरिक का निर्माण केवल गुरु के सानिध्य में ही संभव है। उन्होंने शिक्षकों की तुलना स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में ज्ञान की रोशनी फैलाने वाले दीपक से की। चाणक्य-चंद्रगुप्त, द्रोणाचार्य-अर्जुन, रामकृष्ण परमहंस-स्वामी विवेकानंद और समर्थ गुरु रामदास-छत्रपति शिवाजी महाराज के ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि दुनिया चाहे कितनी भी आधुनिक हो जाए, गुरु के स्थान की पूर्ति कोई भी तकनीक नहीं कर सकती।
वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने कहा कि माता-पिता बच्चों को जन्म देते हैं, लेकिन उनके भविष्य को गढ़ने, सही दिशा दिखाने और उनमें संस्कार भरने का वास्तविक कार्य शिक्षक ही करते हैं। उन्होंने हर्ष व्यक्त किया कि शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन से ही क्षेत्र के बच्चे शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस समारोह में संभाग स्तर पर बस्तर के सातों जिलों के 32 विकासखंडों से शिक्षकों का चयन किया गया, जिसमें प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के 32-32 उत्कृष्ट प्रधान पाठकों को सम्मान राशि व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त संभाग के सातों जिलों से चयनित 7 उत्कृष्ट प्राचार्यों तथा 'शिक्षा श्री सम्मान' से नवाजे गए तीन व्याख्याताओं को सम्मान राशि सहित शाल-श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में विगत एक वर्ष के दौरान सेवानिवृत्त हुए जिले के 105 शिक्षकों और कर्मचारियों को भी उनके दीर्घकालिक योगदान के लिए शॉल व श्रीफल देकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस दाैरान नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, जिला कमिश्नर (स्काउट गाइड) सुरेश गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान, श्रीमती शकुंतला कश्यप, बिंदु साहू, बस्तर जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष बघेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना, शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक एचआर सोम, जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल तथा जिला मिशन समन्वयक अशोक पाण्डे सहित जनप्रतिनिधिगण, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी और संभाग भर से पहुंचे शिक्षक-शिक्षिकाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

