कोरबा में आवारा कुत्तों के हमले में पांच वर्षीय मासूम की मौत, आयुक्त ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात

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कोरबा में आवारा कुत्तों के हमले में पांच वर्षीय मासूम की मौत, आयुक्त ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात


कोरबा में आवारा कुत्तों के हमले में पांच वर्षीय मासूम की मौत, आयुक्त ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात


कोरबा, 17 जुलाई (हि. स.)। छत्तीसगढ़ के काेरबा जिले के मानिकपुर चौकी क्षेत्र के दादर इलाके में आवारा कुत्तों के हमले में 5 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत के बाद नगर निगम और प्रशासन हरकत में आ गया है। शुक्रवार सुबह नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान महापौर की अनुशंसा पर पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। वहीं क्षेत्र में आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी नसबंदी के लिए विशेष अभियान भी शुरू कर दिया गया है।

मृतक की पहचान प्रकाश पटेल (5 वर्ष) के रूप में हुई है। वह किशोर पटेल का पुत्र था और पहली कक्षा का छात्र था। परिवार मूल रूप से जांजगीर-चांपा जिले का निवासी है तथा वर्तमान में दादर क्षेत्र में मजदूरी कर जीवन-यापन कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब चार बजे किशोर पटेल एक मकान में मजदूरी कर रहे थे। इसी दौरान उनका बेटा प्रकाश उनसे मिलने पहुंचा। कुछ देर बाद वह अकेले घर लौटने लगा। रास्ते में 5 से 6 आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने उसे जमीन पर गिराकर बुरी तरह नोच डाला। बच्चे की चीख सुनकर पिता मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्तों को भगाकर गंभीर रूप से घायल प्रकाश को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे के सिर, गर्दन और शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर जख्म पाए गए।

घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस अस्पताल पहुंची। अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

शुक्रवार सुबह नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि महापौर की अनुशंसा पर परिवार को एक लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। साथ ही दादर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ा जा रहा है। जिन कुत्तों की नसबंदी नहीं हुई है, उनका एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर में बधियाकरण (नसबंदी) कराया जा रहा है। इसके अलावा क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए लगातार अभियान जारी रहेगा।

नगर निगम के अनुसार, शहर के एबीसी सेंटर में अब तक एक हजार से अधिक आवारा कुत्तों का नसबंदी एवं वर्मीकरण किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि प्रजनन (ब्रीडिंग) के मौसम में कुत्तों का व्यवहार अधिक आक्रामक हो सकता है, इसलिए नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

घटना के बाद दादर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और पहले भी राहगीरों, स्कूली बच्चों तथा बुजुर्गों पर हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने और नियमित अभियान चलाने की मांग की है।

नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि छोटे बच्चों को अकेले बाहर न भेजें, आवारा कुत्तों को निर्धारित स्थान पर ही भोजन दें तथा किसी भी क्षेत्र में आवारा कुत्तों की अधिक संख्या दिखाई देने पर तत्काल नगर निगम को सूचना दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

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