रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन के कार्यशाला में 490 ने लिया प्रशिक्षण
जगदलपुर, 05 अगस्त (हि.स.)। ग्रामीण विकास रोजगार सृजन और आजीविका संवर्धन के संकल्प को साकार करने की दिशा में जगदलपुर स्थित शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय कुम्हरावंड के ऑडिटोरियम में ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन के अंतर्गत तीन दिवसीय संभागस्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। 03 से 05 अगस्त तक आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में बस्तर संभाग के सभी 7 जिलों बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव और बीजापुर की जनपद पंचायतों के कुल 490 निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा रायपुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस गैर-आवासीय प्रशिक्षण शिविर में विशेषज्ञों और मास्टर ट्रेनर्स द्वारा जनप्रतिनिधियों को योजना के दूरगामी उद्देश्यों और प्रमुख कानूनी प्रावधानों की गहन जानकारी दी गई। कार्यशाला के दौरान ग्राम पंचायतस्तर पर परिसंपत्तियों व विकास कार्यों की पहचान, ग्रामसभा से उनके अनुमोदन, तकनीकी स्वीकृति तथा क्रियान्वयन की पारदर्शी प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और दीर्घकालिक जनोपयोगी परिसंपत्तियों के निर्माण की रणनीतियों पर विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में योजनाओं के प्रभावी निष्पादन के लिए अन्य शासकीय विकास कार्यक्रमों के साथ अभिसरण, शिकायत निवारण तंत्र और सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद जनप्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि इस कार्यशाला से मिली सीख बस्तर संभाग के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में रोजगार गारंटी, आजीविका संवर्धन और ग्राम पंचायतों के समग्र विकास को गति देने में एक निर्णायक भूमिका निभाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

