बस्तर जिले में मच्छर जनित मलेरिया के 444 और डेंगू के 23 मरीज मिले

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बस्तर जिले में मच्छर जनित मलेरिया के 444 और डेंगू के 23 मरीज मिले


जगदलपुर, 11 जुलाई (हि.स.)। बस्तर में मानसून के सक्रिय होते ही मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। इस वर्ष जनवरी से जून के बीच बस्तर जिले में मलेरिया के 444 और डेंगू के 23 मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जिले में निगरानी बढ़ा दी है। आंकड़ों के अनुसार मलेरिया के सबसे अधिक मरीज दरभा और लोहंडीगुड़ा विकासखंडों से सामने आए हैं।

जगदलपुर शहर में डेंगू के मामलों पर विशेष नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार घर-घर पहुंचकर सर्वे कर रही हैं। बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान कर तत्काल जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर मलेरिया और डेंगू की स्क्रीनिंग कर मरीजों का उपचार शुरू किया जा रहा है। बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके। विभाग का मानना है कि समय पर जांच और उपचार संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने का सबसे प्रभावी उपाय है।

बस्तर जिले में मिले 444 मलेरिया मरीजों में अधिक मामले दरभा, लोहंडीगुड़ा से हैं। वहीं जगदलपुर में डेंगू के 23 मरीज मिलने पर शहरी इलाके में निगरानी, फॉगिंग बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग इन इलाकों में अतिरिक्त टीमों के माध्यम से लगातार सर्वे कर रहा है। मरीजों की पहचान ही नहीं की जा रही, बल्कि बुखार पीड़ितों की जांच भी की जा रही है। मलेरिया और डेंगू की स्क्रीनिंग हो रही है। लार्वा सर्वे किया जा रहा है। मच्छरों के प्रजनन स्थलों का नष्टीकरण किया जा रहा है। फॉगिंग हो रही है। दवा छिड़काव हो रहा है। स्वच्छता अभियान भी साथ चल रहा है। विभिन्न विभागों के समन्वय से यह अभियान पूरे जिले में लगातार जारी है।

जिला मलेरिया अधिकारीडॉ. एसएस टीकाम ने बताया कि जल भराव वाले इलाकों पर फोकस है। जहां मच्छरों के पनपने की संभावना है, वहां फॉगिंग कराई जा रही है। कीटनाशक दवाएं छिड़की जा रहीं हैं। कई विभागों के सहयोग से सार्वजनिक स्थानों, नालियों और जलभराव वाले इलाकों की नियमित सफाई भी कराई जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

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