भैरमगढ़ में 1,789 स्व-सहायता समूह सदस्यों ने करवाया बीमा, चार नामिनियों को मिले दाे-दाे लाख रुपये
बीजापुर, 14 अगस्त (हि.स.)। जिले के नक्सल गतिविधियों के लिए संवेदनशील रहे अंदरूनी गांवों में अब सरकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का सहारा बन रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़े महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्यों द्वारा कराए गए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत भैरमगढ़ के चार परिवारों के नामिनियों को 2-2 लाख रुपये की बीमा राशि प्रदान किया गया है।
जनपद पंचायत भैरमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में सीईओ अभिषेक तांबोली और विकासखंड परियोजना प्रबंधक रोहित सोरी ने शुक्रवार काे लाभार्थी परिवारों को बीमा राशि का चेक प्रदान किया। एनआरएलएम के तहत इस वर्ष भैरमगढ़ विकासखंड में अब तक 1,789 स्व-सहायता समूह सदस्यों का बीमा कराया जा चुका है।
ग्राम वेगला की जय माता दी स्व-सहायता समूह की सदस्य जुनकी नाग के निधन के बाद उनके बेटे सुनील नाग को 2 लाख रुपये मिले। ग्राम जंगला की बावनदाई स्व-सहायता समूह की सदस्य शांति कुरहामी के निधन के बाद उनके पति शामू कुरहामी को बीमा राशि मिली। उनकी एक माह की बेटी है, जिसकी देखभाल में परिवार इस राशि का उपयोग करेगा। इसी तरह ग्राम गुदमा की कोदई माता स्व-सहायता समूह की सदस्य सुनीता मिच्चा के निधन के बाद उनके पति रथी मिच्चा को 2 लाख रुपये मिले। परिवार ने दो बच्चों की पढ़ाई के लिए 50-50 हजार रुपये जमा करने और शेष राशि घर निर्माण में लगाने की योजना बनाई है। ग्राम गट्टापली की पार्वती स्व-सहायता समूह की सदस्य चीनी कुमा के निधन के बाद उनके पति सूदरु कुमा को भी 2 लाख रुपये की राशि मिली। परिवार चार बच्चों के खातों में 25-25 हजार रुपये जमा करने और शेष राशि घरेलू जरूरतों में खर्च करेगा। समूह की पीआरपी जमुना पांडेय और राधा सरोजिया ने बीमा फॉर्म भरने से लेकर मृत्यु के बाद क्लेम के लिए जरूरी दस्तावेज जुटाने तक परिवारों की मदद की।
भैरमगढ़ सीईओ अभिषेक तांबोली के अनुसार प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के लिए 436 रुपये और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के लिए 20 रुपये वार्षिक प्रीमियम निर्धारित है। योजना की पात्रता एवं शर्तों के अनुसार मृत्यु की स्थिति में नामिनी को 2 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिलता है। लाभार्थी परिवारों का कहना है कि मुश्किल वक्त में मिली यह राशि बच्चों की पढ़ाई, घर और परिवार के पालन-पोषण में बड़ी मददगार साबित होगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

