रायपुर में एनडीपीएस मामलों में सजा दिलाने में रिकॉर्ड सफलता

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-128 एनडीपीएस प्रकरणों में दोषसिद्धि, 198 अपराधियों को मिला दंड

रायपुर, 24 जून (हि.स.)। मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ एनडीपीएस प्रकरणों में समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा न्यायालयीन विचारण की विशेष मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित की गई।

विशेष न्यायालयों द्वारा किए गए निष्पक्ष एवं त्वरित विचारण, अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी तथा पुलिस द्वारा साक्षियों की उपस्थिति एवं न्यायालयीन प्रक्रियाओं के समन्वय के परिणामस्वरूप एनडीपीएस प्रकरणों में उल्लेखनीय दोषसिद्धि प्राप्त हुई है।

वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित कुल 128 प्रकरणों में दोषसिद्धि प्राप्त हुई है तथा 198 आरोपितों को न्यायालय द्वारा दंडित किया गया है। यह उपलब्धि न्यायपालिका, अभियोजन एवं पुलिस के समन्वित प्रयासों का प्रतिफल है।

वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित कुल 128 प्रकरणों में दोषसिद्धि प्राप्त हुई है तथा 198 आरोपितों को न्यायालय द्वारा दंडित किया गया है।

पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में एनडीपीएस प्रकरणों के ट्रायल को गति देने के लिए कमिश्नरेट स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग तंत्र स्थापित किया गया। इसके अंतर्गत मध्य, पश्चिम एवं उत्तर जोन में ट्रायल मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संबंधित डीसीपी एवं उनके पर्यवेक्षण में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्तों को सौंपी गई।अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल, राहुल देव शर्मा एवं आकाश मरकाम के नेतृत्व में जोनवार समीक्षा की व्यवस्था विकसित की गई, जिससे प्रत्येक प्रकरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित हो सकी।

एनडीपीएस प्रकरणों की समग्र ट्रायल मॉनिटरिंग एवं समन्वय के लिए एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। उनके द्वारा विशेष न्यायालयों के न्यायालयीन स्टाफ, अभियोजन अधिकारियों तथा कोर्ट मोहर्रिरों के साथ नियमित समन्वय स्थापित किया गया। न्यायालयों से जारी समन एवं वारंट की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाती रही तथा उनकी तामिली की सतत समीक्षा की जाती रही।

प्रत्येक प्रकरण के साक्षियों की सूची तैयार कर यह सुनिश्चित किया गया कि निर्धारित तिथियों पर आवश्यक साक्षी न्यायालय में उपस्थित रहें। समन एवं वारंट की समयबद्ध तामिली, साक्षियों से सतत संपर्क, न्यायालयीन तिथियों की नियमित मॉनिटरिंग तथा अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर समन्वय के कारण अनेक लंबित प्रकरणों का विचारण गति से पूर्ण हो सका। वहीं माननीय न्यायालयों द्वारा प्रकरणों का नियमित एवं प्रभावी संचालन किए जाने से साक्ष्य लेखन एवं अंतिम निर्णय की प्रक्रिया भी समयबद्ध रूप से संपन्न हो सकी।

ट्रायल मॉनिटरिंग के दौरान यह भी पाया गया कि कई गंभीर एनडीपीएस प्रकरण केवल इसलिए लंबित थे क्योंकि आरोपी जमानत प्राप्त करने के बाद न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे। ऐसे मामलों में जारी स्थायी वारंटों के प्रभावी निष्पादन हेतु विशेष अभियान संचालित किया गया।

पुलिस आयुक्त के निर्देश पर गठित विशेष टीमों ने उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा एवं मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में दबिश देकर फरार बेल जंपरों एवं स्थायी वारंटधारी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की। स्थानीय पुलिस के सहयोग से न्यायालयीन आदेशों का प्रभावी पालन कराया गया।

रायपुर पुलिस द्वारा संचालित यह ट्रायल मॉनिटरिंग मॉडल न्यायालय, अभियोजन एवं पुलिस के बीच प्रभावी समन्वय का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है। इस पहल ने न केवल लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण में सहायता की है, बल्कि दोषियों को समयबद्ध दंड सुनिश्चित कर समाज में नशे के विरुद्ध एक सशक्त संदेश भी दिया है। रायपुर पुलिस भविष्य में भी माननीय न्यायालयों एवं अभियोजन विभाग के साथ समन्वय बनाए रखते हुए एनडीपीएस प्रकरणों की सतत मॉनिटरिंग और प्रभावी कार्रवाई जारी रखेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

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