राह-वीर योजना में मदद पर 25 हजार का पुरस्कार

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राह-वीर योजना में मदद पर 25 हजार का पुरस्कार


गंभीर सड़क हादसे में घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण और सम्मान

बलरामपुर, 17 सितंबर (हि.स.)। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की तत्काल मदद और उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ‘राह-वीर योजना’ संचालित है। पूर्व में ‘गुड समैरिटन योजना’ के नाम से संचालित इस योजना के तहत पात्र नागरिक को गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद कर उसे अस्पताल पहुंचाने पर प्रति दुर्घटना 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। योजना के तहत हर वर्ष एक लाख रुपये के 10 राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिए जाते हैं।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी चंदन संजय त्रिपाठी ने गुरुवार काे जिलेवासियों से सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद के लिए आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद का शुरुआती समय घायल के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर चिकित्सकीय सहायता मिलने से गंभीर स्थिति में घायल की जान बचाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने नागरिकों से पुलिस पूछताछ या कानूनी प्रक्रिया को लेकर भयभीत हुए बिना जरूरतमंद की सहायता करने की अपील की।

राह-वीर योजना के तहत गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के एक घंटे के भीतर नजदीकी अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने वाले पात्र व्यक्ति को पुरस्कार दिया जाता है। योजना गंभीर चोट, सर्जरी या कम से कम तीन दिन अस्पताल में भर्ती रहने जैसी निर्धारित परिस्थितियों वाले मामलों में लागू होती है। सहायता स्वेच्छा से और बिना किसी पुरस्कार की अपेक्षा के की गई होनी चाहिए।

योजना के तहत राह-वीर को कानूनी संरक्षण भी दिया गया है। दुर्घटना पीड़ित की सहायता करने वाले व्यक्ति को अनावश्यक कानूनी परेशानी से सुरक्षा देने का प्रावधान है। एक ही दुर्घटना में एक से अधिक लोग सहायता करते हैं तो 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि उनके बीच समान रूप से बांटी जाती है। एक व्यक्ति को एक वर्ष में अधिकतम पांच बार योजना के तहत पुरस्कार दिया जा सकता है।

राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक वर्ष 10 सर्वश्रेष्ठ राह-वीरों का चयन किया जाता है। चयनित राह-वीरों को 1 लाख रुपये, प्रमाण पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाता है। इसके लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चयन किया जाता है।

योजना के तहत राह-वीर की पहचान और मामले का सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। पुलिस या अस्पताल की ओर से विवरण दर्ज किए जाने के बाद संबंधित स्तर पर मामले की जांच और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाती है। स्वीकृत मामलों में पुरस्कार राशि राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के परिवहन विभाग के माध्यम से पीएफएमएस द्वारा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

सड़क दुर्घटना की स्थिति में नागरिक तत्काल सहायता के लिए आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क कर सकते हैं। योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए नजदीकी पुलिस थाने या संबंधित परिवहन विभाग से संपर्क किया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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