बलरामपुर : गांव-गांव पहुंच रही एग्रीस्टैक पंजीयन टीम
बलरामपुर, 21 जुलाई (हि.स.)।किसानों को कृषि योजनाओं और सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने के लिए जिले में एग्रीस्टैक पंजीयन अभियान लगातार चलाया जा रहा है। राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम आज मंगलवार गांव-गांव पहुंचकर किसानों का पंजीयन कर रही है। अभियान के तहत आधार, भूमि अभिलेख और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर डिजिटल किसान पहचान बनाई जा रही है।
प्रशासन ने सभी किसानों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर एग्रीस्टैक पंजीयन कराने की अपील की है, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। एग्रीस्टैक के माध्यम से प्रत्येक किसान की डिजिटल पहचान तैयार की जा रही है। इससे भूमि और कृषि संबंधी जानकारी का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड बनेगा तथा किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और सरल तरीके से मिल सकेगा।
समय पर एग्रीस्टैक पंजीयन नहीं कराने पर भविष्य में धान खरीद , किसान पंजीयन, डिजिटल कृषि सेवाओं और किसान रजिस्ट्री आधारित सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई आ सकती है। वहीं पंजीयन होने पर इन सभी प्रक्रियाओं में सुविधा मिलेगी और भूमि संबंधी प्रमाणित डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
किसान अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र, ग्राम पंचायत, संबंधित पटवारी, तहसील कार्यालय या कृषि विभाग द्वारा लगाए जा रहे विशेष शिविरों में जाकर एग्रीस्टैक पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा प्रशासन की टीम गांव-गांव पहुंचकर भी यह सुविधा उपलब्ध करा रही है।
पंजीयन के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका (बी-1 एवं खसरा), बैंक पासबुक की प्रति तथा आवश्यकता होने पर पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी। इच्छुक किसान राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर भी स्वयं ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

