प्राथमिक स्कूलों में पढ़ई तिहार, स्मार्ट माताओं का हुआ सम्मान

WhatsApp Channel Join Now
प्राथमिक स्कूलों में पढ़ई तिहार, स्मार्ट माताओं का हुआ सम्मान


प्राथमिक स्कूलों में पढ़ई तिहार, स्मार्ट माताओं का हुआ सम्मान


धमतरी, 11 अप्रैल (हि.स.)। अंगना म शिक्षा कार्यक्रम के तहत जिले के सभी शासकीय प्राथमिक स्कूलों में 11 अप्रैल को पढ़ई तिहार का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करना और विद्यालयों में समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सक्रिय माताओं को प्राथमिक शिक्षा में उनके योगदान के लिए स्मार्ट माता के रूप में चयनित कर सम्मानित भी किया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल के निर्देश पर शनिवार को अंगना म शिक्षा कार्यक्रम के तहत शासकीय प्राथमिक शालाओं में पढ़ई तिहार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नए सत्र 2026-27 में प्रवेश लेने वाले बच्चों के लिए नौ काउंटरों के माध्यम से विभिन्न गतिविधि कर बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक स्तर का आकलन किया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से बच्चों की प्रारंभिक शैक्षणिक क्षमता को समझने और उनके स्तर के अनुसार शिक्षण की योजना बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल किया गया।

इसी कड़ी में शहर से लगे ग्राम पंचायत मुड़पार के शासकीय उन्नत प्राथमिक शाला में पढ़ई तिहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में सहायक परियोजना अधिकारी खिलेश कुमार साहू, खरेंगा हाईस्कूल के प्राचार्य नंदकिशोर साहू, एसआरजी प्रीति शांडिल्य सहित ग्राम के वरिष्ठ नागरिक, सक्रिय माताएं और स्कूल के शिक्षक और बच्चे उपस्थित थे। कार्यक्रम में उपस्थित माताओं को समर कैंप की जानकारी भी दी गई। इसके अंतर्गत जीवन रक्षक घोल (ओआरएस) बनाने की विधि, यूनिफार्म के सही उपयोग की समझ और घर पर बच्चों के लिए पढ़ाई का कोना तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।एसआरजी प्रीति शांडिल्य ने बताया कि जिले के सभी 880 शासकीय प्राथमिक स्कूलों में पढ़ई तिहार का आयोजन किया गया है। पढ़ई तिहार को प्रथम आधारभूत मेले के रूप में आयोजित किया गया जो बच्चों के सीखने के स्तर को समझने का प्रारंभिक प्रयास है। वहीं शाला प्रवेश उत्सव के दिन द्वितीय मेले का आयोजन किया जाएगा जिसमें बच्चों की प्रगति का पुनः आकलन किया जाएगा। शिक्षा के तीन प्रमुख आधार स्तंभ बालक, पालक और शिक्षक हैं। जब ये तीनों मिलकर शिक्षण कार्य में अपनी भूमिका का प्रभावी निर्वहन करते हैं तभी शिक्षा की गुणवत्ता में वास्तविक वृद्धि संभव होती है। अंगना म शिक्षा के माध्यम से बालवाड़ी और शाला के अभिभावकों विशेषकर माताओं को एक्टिव मदर्स कम्यूनिटी (एएमसी) के रूप में जोड़ कर शैक्षणिक सहभागिता के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रत्येक शाला में स्मार्ट माता का चयन भी किया जा रहा जो गांव की अन्य माताओं को शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने में सहयोग के लिए प्रेरित करती हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

Share this story