आत्मनिर्भरता का आधार बनी महतारी वंदन योजना
गंडई की कंडरा समाज की महिलाओं ने बांस शिल्प को दी नई मजबूती
रायपुर, 18 सितंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक सिद्ध हो रही है।
योजना के तहत प्रतिमाह प्राप्त होने वाली राशि का महिलाएं न केवल अपनी दैनिक आवश्यकताओं में उपयोग कर रही हैं, बल्कि अपनी पारंपरिक आजीविका को मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।
छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के गंडई नगर पंचायत गंडई के वार्ड क्रमांक 12 में निवासरत कंडरा समाज की महिलाओं द्वारा महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग बांस खरीदने तथा बांस से टोकरी, सूपा एवं अन्य उपयोगी सामग्री के तौर पर किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि बांस शिल्प कंडरा समाज की पारंपरिक आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा है। योजना से नियमित रूप से प्राप्त आर्थिक सहायता ने महिलाओं को इस पारंपरिक व्यवसाय को निरंतर जारी रखने के लिए आवश्यक आर्थिक संबल प्रदान किया है।
महिलाओं द्वारा अपने पारंपरिक कौशल से तैयार किए गए टोकरी, सूपा एवं अन्य बांस उत्पादों को स्थानीयस्तर पर विक्रय किया जाता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी होती है। इस प्रकार महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग आय सृजन की गतिविधि में कर महिलाएं आर्थिक रूप से अधिक सक्षम एवं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि शासन द्वारा महिलाओं को प्रदान की जा रही आर्थिक सहायता से पारंपरिक हुनर, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण को एक साथ बढ़ावा मिलता है। गंडई वार्ड क्रमांक 12 की कंडरा समाज की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना की राशि को अपनी मेहनत और हुनर से जोड़कर इसे आत्मनिर्भरता के अवसर में परिवर्तित किया है, जो अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बन गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल

