सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीवान प्रशासन सख्त, हाईवे पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर चलेगा बुलडोजर

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीवान प्रशासन सख्त, हाईवे पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर चलेगा बुलडोजर


सीवान, 30 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय राजमार्गों पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में शनिवार को समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में राजस्थान के फालौड़ी एवं तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में हुई भीषण सड़क दुर्घटनाओं के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर पारित आदेशों के अनुपालन की समीक्षा की गई।

जिला पदाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग के कैरिज वे पर भारी एवं वाणिज्यिक वाहनों की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग लेन में ही खड़ा किया जा सकेगा। इसके लिए एनएचएआई, यातायात पुलिस एवं जिला परिवहन विभाग संयुक्त रूप से नियमित निरीक्षण और पेट्रोलिंग करेंगे।

बैठक में राजमार्गों पर अतिक्रमण की पहचान, शिकायतों के त्वरित निपटारे और अवैध कब्जों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। एनएचएआई को टोल फ्री नंबर 1033 को सक्रिय करने, शिकायत मॉड्यूल को प्रभावी बनाने तथा वर्ष में कम-से-कम दो बार ड्रोन सर्वे कराने का आदेश दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग के राइट ऑफ वे क्षेत्र में ढाबा, दुकान एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के निर्माण और संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, पहले से मौजूद अनधिकृत संरचनाओं को नियमानुसार हटाने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिला पदाधिकारी ने नगर निकायों को निर्देश दिया कि हाईवे सेफ्टी जोन में स्थित किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को एनएचएआई की अनापत्ति प्रमाण-पत्र के बिना व्यापार लाइसेंस या उसके नवीनीकरण की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बैठक में जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स को दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां हाई मास्ट लाइट, एलईडी लाइट, गति मापक कैमरे एवं चेतावनी संकेतक स्थापित करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रत्येक 75 किलोमीटर की दूरी पर बीएलएस एम्बुलेंस एवं रिकवरी क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया गया।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

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