सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर डीडीसी ने की समीक्षा, सुपौल की रैंकिंग सुधारने पर जोर
सुपौल, 16 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की समयबद्ध और प्रभावी प्राप्ति सुनिश्चित करने तथा नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स में सुपौल की रैंकिंग बेहतर बनाने को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार ने की। इसमें विभिन्न संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
इस दौरान जिला योजना पदाधिकारी संजय कुमार ने सतत विकास लक्ष्यों से जुड़े विभिन्न सूचकांकों की जानकारी विभागीय पदाधिकारियों को दी। उन्होंने सूचकांकों के आधार पर जिले की प्रगति का आकलन करने और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया।
डीडीसी इंद्रवीर कुमार ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों के विभिन्न मानकों पर बेहतर प्रदर्शन के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में काम करना होगा। विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के साथ निर्धारित सूचकांकों की नियमित निगरानी भी जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुरूप काम करने का निर्देश दिया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने और कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए जमीनी स्तर पर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। शिक्षा विभाग को विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने, बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की संख्या कम करने तथा स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि शिक्षा से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा की जाए।
जल-जीवन-हरियाली अभियान और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत हर घर तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने पर विशेष चर्चा हुई। संबंधित विभागों को इन क्षेत्रों में निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में आवश्यक सुधार लाने को कहा गया।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
महिला सशक्तीकरण और आजीविका के अवसरों को बढ़ाने के लिए जीविका दीदियों की भूमिका पर भी चर्चा की गई। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर बल दिया गया। इसके साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पात्र लाभार्थियों को समय पर राशन उपलब्ध कराने से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
बैठक के अंत में डीडीसी ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित एसडीजी सूचकांकों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट करें।
इससे जिला स्तर पर योजनाओं की निरंतर निगरानी की जा सकेगी और लक्ष्य प्राप्ति में आने वाली बाधाओं की पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सुपौल जिले की एसडीजी रैंकिंग में सुधार के लिए सभी विभागों की जवाबदेही और समन्वित प्रयास महत्वपूर्ण हैं। निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और विभागीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के माध्यम से जिले को विकास के विभिन्न मानकों पर आगे ले जाने की दिशा में काम करना होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

