विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग के दर्शन को दसवे दिन भी उमड़ते रहे श्रद्धालु

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विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग के दर्शन को दसवे दिन भी उमड़ते रहे श्रद्धालु


- 17 जनवरी को होगी शिवलिंग की स्थापना

पूर्वी चंपारण,15 जनवरी (हि.स.)। जिले कल्याणपुर प्रखंड कैथवलिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर स्थापित करने के लिए पहुंची दुनिया के सबसे विशाल शिवलिंग के दर्शन को लेकर लगातार दसवें दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। सुबह से देर रात तक निर्माधीन मंदिर का पूरा परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा। आसपास के गांवों के साथ-साथ ही दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे इलाके का माहौल भक्तिमय हो गया है। पूरे क्षेत्र में मेला लग गया है। लोगो की भारी भीड़ के बीच फूल बेलपत्र,चंदन व प्रसाद की भारी बिक्री दर्ज की जा रही है।

उल्लेखनीय है,कि आगामी 17 जनवरी को 33 फुट ऊंचे इस विशाल सहस्त्र लिंगम की भव्य स्थापना होनी है। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री के आगमन की भी संभावना जताई जा रही है। वीआईपी आगमन को देखते हुए मंदिर प्रबंधन, प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक दिन-रात व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। परिसर में साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं के प्रवेश-निकास मार्ग, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और आपात सेवाओं की विशेष व्यवस्था की जा रही है।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि सहस्त्र लिंगम की स्थापना का कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो। इस संबंध में चकिया डीएसपी संतोष कुमार ने बताया कि 17 जनवरी को सहस्त्र लिंगम की स्थापना के दौरान अत्यधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा कि 16 जनवरी से ही चाकिया–केसरिया पथ पर वृंदावन से राजपुर चौक तक आवागमन को पूरी तरह रोक दिया जाएगा। वैकल्पिक मार्गों से यातायात को डायवर्ट किया जाएगा। ताकि जाम की स्थिति न उत्पन्न हो और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

डीएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। वहीं मंदिर प्रबंधन की ओर से भी श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की गई है। माना जा रहा है कि सहस्त्र लिंगम की स्थापना के दिन ऐतिहासिक भीड़ उमड़ेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / आनंद कुमार

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