दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए आचार्य धर्मेंद्रनाथ मिश्र सम्मानित

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दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए आचार्य धर्मेंद्रनाथ मिश्र सम्मानित


सुपौल, 25 जुलाई (हि.स.)। विकसित भारत–समृद्ध बिहार अभियान के तहत सेवा, संकल्प और समर्पण के 100 दिन पूर्ण होने के अवसर पर शनिवार को समाहरणालय के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में त्रिलोकधाम गोसपुर निवासी पंडित आचार्य धर्मेंद्रनाथ मिश्र को दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

जिलाधिकारी सावन कुमार ने जिला प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति में आचार्य धर्मेंद्रनाथ मिश्र को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें धर्म, संस्कृति और अध्यात्म के क्षेत्र में भारतीय परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन तथा दुर्लभ पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया।

समारोह में जिलाधिकारी के अलावा उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार ,जिला परिषद अध्यक्ष कमला देवी, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव, अपर समाहर्ता तारीक , जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी तारकेश्वर पटेल सहित विभिन्न विभागों के उप समाहर्ता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सम्मान प्राप्त करने के बाद आचार्य धर्मेंद्रनाथ मिश्र ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दुर्लभ पांडुलिपियों का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। यह सम्मान न केवल आचार्य धर्मेंद्रनाथ मिश्र के कार्यों की सराहना है, बल्कि सुपौल जिले के लिए भी गौरव का विषय है, जो सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति समाज में सकारात्मक संदेश देता है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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