जिले का मॉडल अस्पताल बदहाल, बीपी जांच के लिए घंटों खड़े रहे मरीज, अव्यवस्था पर उठे सवाल
गोपालगंज, 03 जनवरी (हि.स.)। जिले का सदर अस्पताल, जिसे मॉडल अस्पताल का दर्जा प्राप्त है, इन दिनों बदहाल व्यवस्था को लेकर लगातार सवालों के घेरे में है। प्रतिदिन इलाज के लिए आने वाले मरीजों को डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की बेरुखी के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का भी सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को सदर अस्पताल की ओपीडी में ऐसी ही अव्यवस्था देखने को मिली, जहां मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं और उन्हें घंटों परेशान होना पड़ा। ओपीडी में पर्ची कटवाने के बाद जब मरीज बीपी जांच के लिए निर्धारित टेबल पर पहुंचे तो वहां मौजूद बीपी मशीन काम नहीं कर रही थी। मशीन में लगी बैटरी खराब होने के कारण बीपी जांच ठप रही, जिससे मरीजों को काफी देर तक खड़े रहना पड़ा।
टेबल पर बैठी महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि यह समस्या एक दिन की नहीं है, बल्कि लगभग रोजाना इसी तरह की परेशानी होती है। खराब उपकरणों के कारण उन्हें मरीजों का गुस्सा भी झेलना पड़ता है। मरीजों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन जान मोहम्मद को अव्यवस्थाओं से कोई लेना-देना नहीं है। आवश्यक उपकरणों की समय पर मरम्मत या व्यवस्था नहीं की जाती, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। अस्पताल परिसर में अव्यवस्था को लेकर पूर्व में भी कई बार मरीजों और उनके परिजनों को हंगामा करना पड़ा है, लेकिन स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हो सका है।
गौरतलब है कि मॉडल अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बीरेंद्र प्रसाद का हाल ही में सरकार द्वारा स्थानांतरण कर दिया गया है, जबकि सदर अस्पताल में तीन वर्ष से अधिक समय से जमे प्रबंधकों का स्थानांतरण स्वास्थ्य विभाग ने अब तक नहीं किया है। इससे भी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि दिसंबर माह में ऐसे अधिकारियों और कर्मियों का स्थानांतरण किया जाएगा, जो तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। साथ ही उनके कार्यों की जांच भी कराई जाएगी। मरीजों को उम्मीद है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप से सदर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार होगा और उन्हें राहत मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Akhilanand Mishra

