करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है सोमनाथ मंदिर: ईं शैलेन्द्र

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करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है सोमनाथ मंदिर: ईं शैलेन्द्र


भागलपुर, 10 जनवरी (हि.स.)। बिहपुर विधायक ईं.शैलेन्द्र ने शनिवार को कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारे देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था, आत्मा और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है।

विधायक ने कहा कि हम हिंदू हैं, तो अपनी हिंदू पहचान पर गर्व क्यों न करें? उन्होंने कहा कि जनवरी 1026 में सोमनाथ पर हुए आक्रमण को अब 1000 वर्ष पूर्ण हो रहा है। इतिहास के उस कठिन दौर के बाद भी हमारी आस्था टूटी नहीं, झुकी नहीं। आज से लगभग 75 वर्ष पूर्व देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पुनः स्थापित सोमनाथ मंदिर को जनसामान्य के दर्शन के लिए राष्ट्र को समर्पिकिया।

शैलेन्द्र ने कहा कि यह केवल पुनर्निर्माण नहीं था, बल्कि भारत की आत्मा के पुनर्जागरण का प्रतीक था। इसी स्मृति और संकल्प के साथ वर्ष 2026 में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के माध्यम से शनिवार को अपनी सांस्कृतिक अखंडता को अटूट बनाए रखने का संकल्प लिया। बिहपुर विधानसभा के शिवालयों में दीप प्रज्वलन एवं 'ॐ' का जाप कर यह संदेश दिया गया कि हमारी आस्था अडिग है, अविचल है। आमलोगों के साथ भाजपा के कार्यकर्ता भी इसी भावना के साथ दीप जलाकर और ऊँकार जप कर इस संकल्प से जुड़ें. सोमनाथ भी अडिग रहे और भारत की आत्मा भी। भगवान श्री सोमनाथ सृष्टि के कण-कण में विराजते हैं। उनकी अखंड आस्था अनंत काल से निरंतर प्रवाहित हो रही है। वे सदैव भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रतीक रहेंगे।

विधायक ने कहा कि शनिवार को सोमनाथ सम्मान पर्व पर बाबा ब्रजलेश्वरनाथ धाम मड़वा में ओंकार मंत्र का जाप एवं पूजा-पाठ पाठ सम्पन्न हुआ। विधायक ने कहा कि हमारी आस्था, हमारा इतिहास और हमारा सांस्कृतिक स्वाभिमान किसी राजनीति का विषय नहीं, बल्कि हमारी पहचान है। जिस सांस्कृतिक ढांचे को तोड़ा गया था, उसे याद रखना और पुनः जागृत करना कोई अपराध नहीं, बल्कि राष्ट्रबोध है। यह जानकारी भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रो.गौतम कुमार ने दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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