एमजीसीयू के तृतीय दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने 9 मेघावी छात्र-छात्राओ को मिला गोल्ड मेडल
पूर्वी चंपारण, 04 अप्रैल (हि.स.)। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह राजा बाजार स्थित महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में अत्यंत भव्यता के साथ संपन्न हुआ। समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने 9 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में अदिति प्रज्ञा, मुस्कान कुमारी, बलिराम कुमार, आदित्य प्रसाद, रचित यशस्वी, सचिन कुमार, श्रुति कुमारी, अनानंक कुमार तथा चंदन कुमार शामिल रहे।
समारोह के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने चंपारण की माटी को नमन करते हुए कहा कि बिहार की धरती केवल एक भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि एक जीवंत 'विचार' है, जिसने बुद्ध, जैन और समाजवादी विचारधाराओं के माध्यम से पूरी दुनिया को मार्ग दिखाया है।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ महेश शर्मा ने की जबकि स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय की प्रगति के बारे विस्तार से बताया। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय नई शिक्षा नीति 2020 को पूरी तरह अपनाकर वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की पुस्तकालय पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है और यहां के कई प्रोफेसर विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल हैं। इसी कड़ी में उपराष्ट्रपति ने भी बिहार के उस स्वर्णिम अतीत का आह्वान किया, जब नालंदा विश्वविद्यालय विश्व में शिक्षा का सिरमौर था।
उन्होंने कहा कि जहां गौतम बुद्ध को इसी धरती पर 'बोधि' प्राप्त हुई, वहीं आज सरकार नालंदा की खोई हुई गरिमा को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयासरत हैं।विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हुस्नैन ने विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा की मजबूत नींव बताते हुए छात्रों से नैतिक मूल्यों के साथ समाज सेवा की अपील की।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि मोतिहारी में शीघ्र ही हवाई पट्टी का निर्माण किया जाएगा और चंपारण पर्यटन की दृष्टि से भी अग्रणी बनेगा। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने विद्यार्थियों को मातृ, पितृ और राष्ट्र ऋण की याद दिलाते हुए कहा कि आज के युवा नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले (स्टार्टअप लीडर्स) बन रहे हैं।
केंद्रीय राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे ने तकनीकी शिक्षा पर जोर दिया, तो शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने डिजिटल युग और एआई की चुनौतियों के बीच एक अच्छा नागरिक बनने का संदेश दिया।
स्थानीय सांसद राधामोहन सिंह ने बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए पटना-मोतिहारी एक्सप्रेसवे की प्रगति के बारे में बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सशस्त्र सीमा बल की धुन पर निकली भव्य शैक्षणिक शोभा यात्रा के साथ हुआ। मां सरस्वती और बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद दीप प्रज्वलन कर समारोह की शुरुआत की गई। इस अवसर पर भारी संख्या में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, प्रोफेसर, छात्र और उनके अभिभावक उपस्थित रहे। राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान के साथ इस ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह का समापन हुआ।
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हिन्दुस्थान समाचार / आनंद कुमार

