मां कालरात्रि की पूजा से दूर होते हैं भय और ग्रह बाधाएं: गुरु साकेत

WhatsApp Channel Join Now
मां कालरात्रि की पूजा से दूर होते हैं भय और ग्रह बाधाएं: गुरु साकेत


किशनगंज, 21 जुलाई (हि.स.)। गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर शहर के रुईधासा स्थित महाकाल मंदिर में मंगलवार को मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मां कालरात्रि के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं शांति की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

मंदिर के पुरोहित गुरु साकेत के सानिध्य में विशेष पूजन, दुर्गा सप्तशती पाठ, भगवान महाकाल का जलाभिषेक तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में भाग लिया। शाम को आयोजित भव्य महाआरती में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। जय माता दी और जय महाकाल के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना की। गुरु साकेत ने बताया कि वर्ष में चार बार नवरात्रि मनाई जाती है, जिनमें गुप्त नवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक एवं तांत्रिक महत्व है। उन्होंने कहा कि मां भगवती की सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ आराधना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्रि के दौरान महाकाल मंदिर में प्रतिदिन विशेष पूजा, दुर्गा सप्तशती पाठ, आरती एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। गुरु साकेत ने कहा कि मां कालरात्रि दुर्गा का सातवां स्वरूप हैं, जिन्हें अज्ञान, भय और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली देवी माना जाता है। उनका स्वरूप भले ही उग्र दिखाई देता है, लेकिन वे अपने भक्तों को सदैव शुभ फल प्रदान करती हैं, इसलिए उन्हें 'शुभंकरी' भी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि मां कालरात्रि की उपासना से ग्रह बाधाएं दूर होती हैं, भय का नाश होता है तथा भक्तों को साहस, सुरक्षा और विजय का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मंदिर समिति ने जिलेवासियों से गुप्त नवरात्रि के शेष दिनों में अधिक से अधिक संख्या में मंदिर पहुंचकर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से ओत-प्रोत रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

Share this story