विश्व हीमोफीलिया दिवस पर स्कूली बच्चों ने बनाई मानव श्रृंखला
अररिया 17 अप्रैल(हि.स.)। फारबिसगंज के तिरसकुंड पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में शुक्रवार को विश्व हीमोफिलिया दिवस पर स्कूली बच्चों ने मानव श्रृंखला का निर्माण किया।
आयोजित कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को हीमोफिलिया रोग से संबंधित जानकारी दी।मौके पर प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह ने 17 अप्रैल को पूरी दुनिया में विश्व हीमोफीलिया दिवस मनाने की बात कही।यह दिन हीमोफीलिया और अन्य रक्तस्राव विकारों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए समर्पित है। इस साल विश्व हीमोफीलिया दिवस की मुख्य थीम निदान,देखभाल का पहला कदम है। यह विषय इस बात पर जोर देता है कि सही इलाज के लिए समय पर बीमारी की पहचान करना कितना जरूरी है।
स्कूल प्रधान ने बताया कि हीमोफीलिया यह एक आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें शरीर में रक्त का थक्का बनाने वाले प्रोटीन की कमी हो जाती है। इसके कारण चोट लगने पर खून सामान्य से अधिक समय तक बहता रहता है।कई बार बिना किसी बाहरी चोट के शरीर के अंदर जैसे जोड़ों या मांसपेशियों में भी रक्तस्राव होने लगता है। वहीं शिक्षक कुमार राजीव रंजन ने बच्चों से साफ सफाई रखने सहित अन्य दिवसों पर विचार रखे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

