फर्जी वीजा पर मलेशिया भेजे गए मजदूर जेल में, मानव तस्करी के रैकेट की जांच की मांग
किशनगंज, 07 अक्टूबर (हि.स.)। कोचाधामन क्षेत्र के गरीब मजदूरों को विदेश भेजने के नाम पर कथित धोखाधड़ी और मानव तस्करी का गंभीर मामला सामने आया है।
जिला परिषद सदस्य इंजीनियर नासिक नदीर ने पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार से मुलाकात कर लिखित आवेदन सौंपते हुए मामले में शामिल एजेंटों और मानव तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जिप सदस्य ने एसपी को बताया कि क्षेत्र के कई निर्दोष मजदूर कथित रूप से एजेंट हाजी नाहिद गनी के माध्यम से फर्जी व गलत वीजा पर मलेशिया भेजे गए। वहां पहुंचने के बाद सुरक्षा बलों और इमिग्रेशन विभाग ने उन्हें अवैध प्रवास के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बताया गया कि कई मजदूर महीनों से मलेशिया की जेल में बंद हैं। इससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजन अपने स्वजनों की सुरक्षित वतन वापसी के लिए लगातार प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
नासिक नदीर ने आवेदन में कहा है कि मानव तस्करी को लेकर किशनगंज और पूर्णिया जिले के विभिन्न थानों में पहले से कई मामले दर्ज हैं, लेकिन आरोपित एजेंटों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है।
उन्होंने हाजी नाहिद गनी समेत पूरे कथित गिरोह के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मलेशिया में बंद मजदूरों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने, उनकी रिहाई और सुरक्षित भारत वापसी के लिए उच्चस्तरीय पत्राचार व कूटनीतिक पहल करने का भी आग्रह किया। साथ ही सीमांचल में सक्रिय अवैध ट्रेवल और प्लेसमेंट एजेंटों पर शिकंजा कसने की मांग की।
उन्होंने कहा कि गरीब मजदूरों को बेहतर रोजगार का सपना दिखाकर विदेश भेजने वाले एजेंट बाद में उन्हें संकट में छोड़ देते हैं। ऐसे संगठित रैकेट की उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

