21 दिवसीय विंटर स्कूल कार्यक्रम संपन्न
भागलपुर, 27 मार्च (हि.स.)। बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के मृदा विज्ञान विभाग द्वारा आईसीएआर प्रायोजित 21 दिवसीय विंटर स्कूल कार्यक्रम शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस विंटर स्कूल का विषय था उन्नत मृदा एवं जल संसाधन मानचित्रण हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं भू-स्थानिक उपकरणों का एकीकरण।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत व्यावहारिक एवं ज्ञानवर्धक रहा, जिसमें देश के विभिन्न भागों से आए शिक्षकों एवं वैज्ञानिकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को मृदा विज्ञान की आधुनिक तकनीकों जैसे जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उन्नत मृदा परीक्षण तकनीकों आदि का व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
विंटर स्कूल के दौरान विषय आधारित व्याख्यानों की श्रृंखला के माध्यम से प्रतिभागियों को सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान किया गया, जिसके बाद हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण एवं प्रायोगिक सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण भी किया। इसके अतिरिक्त एजोला उत्पादन, वर्मी कम्पोस्टिंग, ड्रोन आधारित प्रिसीजन एग्रीकल्चर मैपिंग तथा वाणिज्यिक जैव उर्वरक उत्पादन इकाइयों का भी अवलोकन कराया गया। प्रतिभागियों ने डिजिटल सॉयल मैपिंग के विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन किया, जिससे उन्हें डेटा-आधारित मृदा वर्गीकरण की आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई।
कार्यक्रम का समापन वैलिडिक्टरी सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने उनके ज्ञान एवं व्यावहारिक समझ को नई दिशा प्रदान की है। समापन सत्र की अध्यक्षता अनुसंधान निदेशक डॉ. ए.के. सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में मृदा विज्ञान के एडजंक्ट प्रोफेसर डॉ. जगदीश प्रसाद उपस्थित रहे। कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने अपने संदेश में इस महत्वपूर्ण एवं समसामयिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन पर बल दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

