जनसंवाद में मिले 2613 आवेदन, 10 दिनों में होगा जमीन संबंधी मामलों का निष्पादन
भागलपुर, 06 जनवरी (हि.स.)। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान जिले भर से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इस जनसंवाद कार्यक्रम में कुल 2,613 आवेदन पंजीकृत किए गए, जिनमें अधिकांश आवेदन भूमि एवं राजस्व से जुड़ी समस्याओं से संबंधित थे।
लोगों ने जमीन विवाद, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, सीमांकन, कब्जा, बंदोबस्ती एवं अन्य राजस्व संबंधी मामलों को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराई। जनसंवाद कार्यक्रम के उपरांत भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए। उन्होंने बताया कि पंजीकृत 2613 आवेदनों में से जो मामले समाधान योग्य हैं, विशेषकर जमीन से जुड़े विवाद, उनका आगामी 10 दिनों के भीतर निष्पादन कर दिया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय और प्रतिबद्ध है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसंवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि वर्षों से लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि आवेदनों की जांच और वर्गीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर आवेदन सही विभाग और सक्षम पदाधिकारी तक पहुंचे। डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जानकारी दी कि भूमि विवादों के त्वरित समाधान के लिए अधीनस्थ सभी अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ अलग से समीक्षा बैठक की गई है।
इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करें। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जिन मामलों में दस्तावेजों की कमी या कानूनी अड़चनें हैं, उन मामलों में आवेदकों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा, ताकि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी समस्या का समाधान करा सकें।
प्रशासन का प्रयास है कि जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें एक ही मंच पर समाधान मिले। जनसंवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि जनता को इस पहल से काफी उम्मीदें हैं। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी आवेदनों की निष्पक्ष जांच कर न्यायसंगत कार्रवाई की जाएगी। सरकार और प्रशासन के इस प्रयास को जनहित में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

