सोशल मीडिया पर वायरल मॉब लिंचिंग की खबर निराधार, किशनगंज पुलिस ने किया खंडन

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सोशल मीडिया पर वायरल मॉब लिंचिंग की खबर निराधार, किशनगंज पुलिस ने किया खंडन


किशनगंज, 25 मार्च (हि.स.)। पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित मॉब लिंचिंग की एक खबर को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा था कि पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार निवासी एक व्यक्ति के साथ किशनगंज में मॉब लिंचिंग की घटना हुई है, जिसे पुलिस ने तथ्यों से परे बताया है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार यह मामला 15 मार्च 2026 का है।

पोठिया थाना क्षेत्र के ग्राम बुधरा में एक व्यक्ति अर्धचेतन एवं असहज स्थिति में सड़क किनारे पड़ा हुआ मिला था। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और व्यक्ति को सुरक्षित संरक्षण में लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोठिया में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया।

अगले दिन 16 मार्च 2026 को उक्त व्यक्ति की पहचान पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार निवासी सोमनाथ बर्मन के रूप में हुई। इसके बाद किशनगंज पुलिस ने उनके गृह क्षेत्र के संबंधित थानाध्यक्ष से संपर्क किया तथा परिजनों को घटना की जानकारी दी। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद सोमनाथ बर्मन को न्यू जलपाईगुड़ी जाने वाली ट्रेन में बैठाकर सकुशल घर भेज दिया गया।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे प्रकरण में किसी भी प्रकार की मॉब लिंचिंग या भीड़ द्वारा हमला किए जाने की कोई घटना नहीं हुई है। व्यक्ति को सड़क पर असहज हालत में पाया गया था, जिसके बाद पुलिस ने मानवीय पहल करते हुए उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक एवं संवेदनशील पोस्ट पर बिना पुष्टि किए विश्वास न करें।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अफवाहें सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने तथा प्रशासन की छवि खराब करने का प्रयास होती हैं। नागरिकों से अनुरोध है कि किसी भी संदिग्ध पोस्ट या अफवाह की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

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