कटिहार में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, समाहरणालय के पास पथराव के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज

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कटिहार में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, समाहरणालय के पास पथराव के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज


कटिहार, 23 जुलाई (हि.स.)। जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय के पास गुरुवार को केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। बिना अनुमति निकाले गए इस जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा समाहरणालय का मुख्य द्वार तोड़ने का प्रयास किया गया और पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके जवाब में पुलिस ने हल्का बल (लाठीचार्ज) प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा। इस पूरी घटना में 7 से 8 छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, और वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

आज सुबह करीब 10:40 बजे नगर थाना अंतर्गत टाउन हॉल में मनीष कुमार के नेतृत्व में 100 से 150 छात्र एकत्र हुए थे। बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के इन छात्रों ने जुलूस निकाला, जो शहीद चौक, जीआरपी चौक, मिर्चाई बाड़ी चौक और अंबेडकर चौक से होते हुए समाहरणालय गेट के पास पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान छात्र केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इस दौरान मौजूद भीड़ द्वारा कवरेज कर रहे मीडिया कर्मियों के खिलाफ भी गोदी मीडिया हाय-हाय के नारे लगाए गए।

जब भीड़ ने समाहरणालय के मुख्य द्वार को तोड़ने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीछे धकेला, जिससे छात्र उग्र हो गए। उग्र छात्रों ने पानी की बोतलों और सड़क किनारे मौजूद पत्थरों से पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया, जो लगभग 15 से 20 मिनट तक चला। प्रदर्शन की शुरुआत में पुलिस बल की संख्या कम थी और उनके पास बॉडी प्रोटेक्टर या हेलमेट भी मौजूद नहीं थे।

भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल के मौके पर पहुँचने के बाद दोपहर करीब 1:00 बजे स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण पाया गया। घटनास्थल से पुलिस ने 7 से 8 छात्रों को गिरफ्तार किया है। वर्तमान में जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरीय अधिकारी घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं और समाहरणालय के सामने भारी पुलिस बल तैनात कर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

इस पूरे घटनाक्रम पर कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा है कि यदि कोई असंतुष्ट है, तो वे संवैधानिक और कानूनी माध्यमों से अपने विचार रख सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति या समूह सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है या बिना अनुमति के गैरकानूनी तरीके से विरोध प्रदर्शन करता है, तो उनके खिलाफ निश्चित रूप से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह

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