ग्रामीण पत्रकारों के हितों की लड़ाई लड़ेगा एसोसिएशन, छह माह पर होगी कार्यशाला

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ग्रामीण पत्रकारों के हितों की लड़ाई लड़ेगा एसोसिएशन, छह माह पर होगी कार्यशाला


पश्चिम चम्पारण (बगहा), 01 नवम्बर (हि.स.)। ग्रामीण पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन स्थानीय से प्रदेश स्तर तक पहल करेगा। संगठन की मजबूती, पत्रकारों की समस्याओं के समाधान और आधुनिक तकनीक से उन्हें अवगत कराने के लिए प्रत्येक छह माह पर कार्यशाला आयोजित की जायेगी। रविवार को प्रखंड बगहा-दो के सभागार में आयोजित एसोसिएशन की बैठक में इस आशय के प्रस्तावों पर सहमति बनी।

बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष इसराइल अंसारी ने की, जबकि संचालन चंद्रभूषण शांडिल्य ने किया। बैठक में बगहा पुलिस जिले के विभिन्न प्रखंडों में संगठन का विस्तार करने तथा पत्रकारों को एकजुट कर उनके हितों के लिए संघर्ष करने पर चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि बगहा, रामनगर, पिपरासी, मधुबनी, भितहा और ठकरहा में संगठन की अगली बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में तिथि, समय और स्थान निर्धारित किए जायेंगे।

जिला अध्यक्ष इसराइल अंसारी ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए सभी सदस्यों को निर्धारित नियमों और नीतियों का पालन करना होगा। प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकारों की सदस्यता के संबंध में भी स्पष्ट नीति के अनुरूप कार्य किया जाएगा।

संगठन के मंत्री अबू साबिर ने कहा कि ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन में कोई सदस्य छोटा या बड़ा नहीं है। संगठन की वास्तविक पहचान उसके कार्यों, एकजुटता और पत्रकारों के प्रति समर्पण से बनती है। उन्होंने सभी सदस्यों से संगठनात्मक दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की अपील की।

वरिष्ठ पत्रकार एवं संगठन के संरक्षक मधुरेंद्र पांडेय ने कहा कि डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विस्तार से पत्रकारिता के स्वरूप में तेजी से बदलाव आया है। इस दौर में प्रिंट मीडिया के सामने भी नई चुनौतियां हैं। ऐसे में पत्रकारों को समय-समय पर प्रशिक्षण देना आवश्यक है। उन्होंने पत्रकारों से तथ्यपरक, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता करने की अपील की। साथ ही कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों को भी मान्यता प्राप्त पत्रकारों की तरह सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए।

बिहार प्रदेश अध्यक्ष प्रो.डॉ.अरविंद नाथ तिवारी ने कहा कि पत्रकार की कलम में व्यवस्था और सत्ता को प्रभावित करने की शक्ति होती है। स्वतंत्रता सेनानी एवं निर्भीक पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की बुनियाद सच्चाई, निर्भीकता और जनहित है। उन्होंने वर्तमान समय में मीडिया के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों और संपादकीय स्वतंत्रता के सवाल पर भी चिंता व्यक्त की।

प्रो. तिवारी ने पत्रकार पेंशन योजना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार की ओर से घोषणा किए जाने के बावजूद बहुत कम पत्रकारों को इसका लाभ मिल पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में विषम परिस्थितियों के बीच काम करने वाले पत्रकारों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ग्रामीण पत्रकारों को पेंशन सहित अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए स्थानीय से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रस्ताव तैयार कर सरकार के समक्ष अपनी मांग रखेगा।

बैठक में संगठन के विस्तार, पत्रकारों के प्रशिक्षण, सदस्यता नीति, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी सुविधाओं तक ग्रामीण पत्रकारों की पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान महावीर अग्रवाल, बगहा अनुमंडल प्रभारी शिव तिवारी, संदीप चित्रांश, नरेंद्र पांडेय, नीरज मिश्रा, विवेक पांडेय, शमशाद अंसारी, अमन यादव सहित अन्य पत्रकार उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द नाथ तिवारी

Livevns.news Desk
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