शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कांग्रेस का विजय मार्च, छात्रों के संघर्ष की पहली जीत बताया
सुपौल, 25 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार को सुपौल जिला कांग्रेस कमिटी ने पार्टी कार्यालय से आंबेडकर चौक तक विजय मार्च निकाला।
पूर्व जिलाध्यक्ष राज नारायण गुप्ता के नेतृत्व में निकले मार्च में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, छात्रों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों और युवाओं के संघर्ष की पहली जीत है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था की अनियमितताओं और छात्रों के मुद्दों को लगातार राष्ट्रीय स्तर पर उठाया, जिसके कारण सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बना।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था, लेकिन सरकार उन्हें बचाने का प्रयास करती रही। उनका कहना था कि छात्रों के आंदोलन ने सरकार को झुकने पर मजबूर किया।
पार्टी ने कहा कि केवल मंत्री बदलने से परीक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक नीतिगत बदलाव आवश्यक हैं।
कांग्रेस ने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, 20 जुलाई की घटनाओं की जांच, प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा तथा परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग दोहराई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों का संघर्ष किसी एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था स्थापित करना लक्ष्य है, जिसमें मेहनती विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रहे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
विजय मार्च में वरिष्ठ नेता नरेश मिश्रा, संजीव सिंह, अमित झा, प्रभात सिंह, ललित कामत, प्रेमनाथ झा, तनवीर आलम, अफरोज, सुरेंद्र पांडे, सुशील सिंह, रंजीत, सुरेश चौपाल, उस्मान आजाद, रघुनाथ मुखिया, अभय तिवारी, भुवनेश्वर मंडल, बदरुद्दीन सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

