मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा सभा में घोर कुव्यवस्था ,कुर्सियों को लेकर महिलाओं में मारपीट
नवादा, 18 मार्च (हि.स.)।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत बुधवार को नवादा के आईटीआई मैदान में आयोजित जनसभा उस समय अव्यवस्था का शिकार हो गई, जब बड़ी संख्या में पहुंचीं महिलाओं के बीच बैठने के लिए कुर्सियों को लेकर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई स्थानों पर महिलाओं के बीच जूतमपैजार और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई, जिससे पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
बुधवार को आयोजित इस सभा में हजारों की संख्या में महिलाएं शामिल हुई थीं। लेकिन उनके बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था नहीं की गई थी। जैसे ही भीड़ बढ़ी, महिलाओं के बीच बैठने की जगह को लेकर खींचतान शुरू हो गई। एक-एक कुर्सी पर कई महिलाओं के बैठने की कोशिश के कारण विवाद बढ़ता गया और देखते ही देखते यह झगड़े में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई जगहों पर एक कुर्सी के लिए चार से पांच महिलाएं एक साथ झपट्टा मार रही थीं। इस दौरान धक्का-मुक्की के साथ लात-घूंसे भी चले। स्थिति कुछ समय के लिए पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई। इससे सभा स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कार्यक्रम की गरिमा प्रभावित हुई।
महिलाओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं की गई थी। भीड़ के अनुपात में कुर्सियों की संख्या काफी कम थी, जिससे उन्हें खड़े रहना पड़ रहा था और भारी भीड़ के कारण असुविधा हो रही थी। कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि यदि पहले से बेहतर प्रबंधन किया जाता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान तैनात महिला दंडाधिकारी और पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद तो रहे, लेकिन स्थिति को नियंत्रित करने में वे प्रभावी भूमिका नहीं निभा सके। कई लोग उन्हें मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाते नजर आए। इससे प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यक्षमता पर भी सवाल उठे हैं।
घटना के बाद जदयू के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी इस अव्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री की सभा जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में इस तरह की कुव्यवस्था प्रशासन की बड़ी चूक को दर्शाती है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कुल मिलाकर, ‘समृद्धि यात्रा’ की यह सभा विकास के संदेश से ज्यादा अव्यवस्था और कुप्रबंधन के कारण चर्चा में आ गई। यह घटना प्रशासन के लिए एक सबक है कि बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी गंभीर परिणाम दे सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन

