बेमौसम की बारिश से बढ़ी किसानों की परेशानी

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बेमौसम की बारिश से बढ़ी किसानों की परेशानी


भागलपुर, 21 मार्च (हि.स.)। जिले में बेमौसम की बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में लगे फसल बर्बाद हो गए हैं। तेज आंधी-पानी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। तेज हवा और बारिश के कारण खेतों में लगी गेहूं, चना, मसूर, सरसों, मकई सहित दलहन और तिलहन फसलों को भारी क्षति पहुंची है। कई जगहों पर फसलें खेतों में गिरकर बर्बाद हो गए हैं। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

आंधी का असर आम के बागानों पर भी पड़ा है। तेज हवा के कारण पेड़ों से मंजर और छोटे फल झड़ गए, जिससे इस वर्ष उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। मोहनपुर गांव के किसानों ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में इस वर्ष प्राकृतिक आपदाओं ने यहां के किसानों की कमर तोड़ दी है। पहले बाढ़ से धान की फसल नष्ट हुई, कुछ ऊंचे जमीन पर बचे धान की फसल जब कटाई के लिए तैयार हुआ तब बेमौसम बारिश ने बची फसल को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद अचानक नहर में आए पानी से सैकड़ों एकड़ रबी फसल डूब कर नष्ट हो गया और अब आंधी-पानी और ओलावृष्टि ने शेष फसल भी बर्बाद कर दी।

किसानों ने प्रशासन से क्षति का आकलन कर शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। उधर आंधी और ओलावृष्टि ने मकई, गेहूं, सरसों और आम-लीची की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में तैयार खड़ी मकई की फसल गिरने से बिहपुर और आसपास के क्षेत्रों में 1000 एकड़ से अधिक फसल बर्बाद होने की आशंका है। तेज हवा से आम-लीची के मंजर झड़ गए हैं।

अखिल भारतीय किसान सभा के जिला संयोजक निरंजन चौधरी ने फसल के नुकसान को लेकर क्षतिपूर्ति देने के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम बीडीओ को मांग पत्र सौंपा। बताया गया कि बेमौसम बारिश के कारण फसल एवं फल की बर्बादी हुई है। इसको भागलपुर जिले में फसल एवं फल की हुई बर्बादी का आकलन कर किसानों को मुआवजा दिया जाय। इस मौके पर किसान मृत्युंजय चौधरी, विनय दर्शन, चेतन चौधरी आदि मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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