सवर्ण समाज एकता मंच ने पीएम के नाम एसडीएम को यूजीसी कानून को लेकर सौंपा मांग पत्र

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सवर्ण समाज एकता मंच ने पीएम के नाम एसडीएम को यूजीसी कानून को लेकर सौंपा मांग पत्र


अररिया 16 मार्च(हि.स.)।

सवर्ण समाज एकता मंच का एक प्रतिनिधि मंडल सोमवार को फारबिसगंज एसडीएम को प्रधानमंत्री के नाम यूजीसी विनियमन 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सुझाव देते पांच मांगों का एक मांग पत्र सौंपा।

सवर्ण समाज एकता मंच के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री से यूजीसी काले कानून को वापस लेने,आर्थिक आधार पर आरक्षण व्यवस्था लागू करने, एससी एसटी कानून में संशोधन करने,सवर्णों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया को बंद करने और योग्यता को बढ़ावा देने वाला समतामूलक कानून लागू करने की मांग की है।

सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग 2026 द्वारा किया गया निर्णय समाजिक समरसता को छिन-भिन्न करने और समाज में जाति संघर्ष व्यापक रूप से बढ़ने वाला बताया गया। विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा केन्द्रों में पठन-पाठक के माहौल समाप्त होने की बात करते हुए इस विनियमन के दुरूपयोग की पूरी सम्भावना होने की आशंका जताई गई है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियम बनाते समय समाजिक संतुलन को ध्यान में नहीं रखने की बात कही गई। प्रमोशन ऑफ इक्वलिटी इन हाइयर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशंस 2026 के प्रावधान को लेकर देशभर में भ्रम की स्थिति होने और कानून के एक पक्षीय होने की बात कही गई।फलस्वरूप सवर्ण वर्ग के छात्रों का शैक्षणिक और व्यवसायिक भविष्य बाधित होने की स्थिति बन रही है।वर्तमान स्थिति में सामाजिक वैमनस्यता और जातीय तनाव बढ़ने की बात करते हुए इस कानून को वापस लेने की मांग की गई।

प्रतिनिधि मंडल में सवर्ण समाज एकता मंच के क्रांति कुंवर, रमेश सिंह, सुबोध मोहन ठाकुर, अंजनी मिश्रा, सतीश श्रीवास्तव, जितेन्द्र झा, अभिषेक सिंह, रामनाथ झा, अंजनी सिंह, तरुण सिन्हा, देवेश ठाकुर, दुखी झा, ललित मोहन ठाकुर आदि मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

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