किशनगंज में दुपहिया वाहन कारोबार पर ब्रेक, पोर्टल बदलाव से ठप हुआ सीमावर्ती व्यापार
किशनगंज, 23 अप्रैल (हि.स.)। बिहार के सीमावर्ती जिला किशनगंज में दुपहिया वाहनों का कारोबार इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रहा है। 1 अप्रैल 2026 से परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में हुए बदलाव के बाद पश्चिम बंगाल के ग्राहक अब यहां से वाहन नहीं खरीद पा रहे हैं, जिससे वर्षों से फलता-फूलता यह व्यापार अचानक ठहर सा गया है।
भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण किशनगंज जिला पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर और दार्जिलिंग से सटा हुआ है। जिला मुख्यालय से महज दो किलोमीटर की दूरी पर तीन दिशाओं में बंगाल की सीमा लगने के कारण यहां के शोरूमों से बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल के ग्राहक दुपहिया वाहन खरीदते रहे हैं।
अनुमान के मुताबिक, कुल बिक्री का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बंगाल के खरीदारों का होता था। लेकिन वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही परिवहन विभाग के पोर्टल में ‘अस्थायी पता’ (टेंपररी एड्रेस) से अन्य राज्य का विकल्प हटा दिए जाने के कारण यह व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इस तकनीकी बदलाव के चलते अब डीलर दूसरे राज्य के ग्राहकों को वाहन बेचने में असमर्थ हैं।
इसका सीधा असर स्थानीय व्यवसाय पर पड़ा है। वाहन शोरूम संचालकों के अनुसार, बिक्री में भारी गिरावट आई है और कारोबार ठप होने की स्थिति बन गई है। वहीं, राज्य सरकार को मिलने वाले राजस्व पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। समस्या की गंभीरता को देखते हुए जिले के कई डीलरों ने जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) को लिखित शिकायत सौंपी है।
डीलरों ने मांग की है कि पोर्टल में पूर्व की तरह अन्य राज्य के अस्थायी पते का विकल्प जल्द बहाल किया जाए। इधर, डीटीओ ने भी इस मामले को उच्च स्तर पर उठाते हुए परिवहन विभाग, बिहार को पत्र भेजा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सीमावर्ती जिला होने के कारण किशनगंज का व्यापार पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है। ऐसे में पोर्टल की यह बाधा न केवल व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित कर रही है, बल्कि राज्य के राजस्व को भी नुकसान पहुंचा रही है। अब सभी की निगाहें परिवहन विभाग के निर्णय पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो किशनगंज का यह फलता-फूलता दुपहिया बाजार अतीत की बात बन सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

