सुरों की मल्लिका आशा भोंसले को दी गई श्रद्धांजलि
भागलपुर, 26 अप्रैल (हि.स.)। भागलपुर में गीत और संगीत से जुड़ी महिलाओं द्वारा रविवार को सुरों की मल्लिका आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर आयोजित संगीतमयी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और अपने सुरों के माध्यम से आशा ताई को याद किया।
पूरे माहौल में संगीत की मधुरता और भावनाओं की गहराई साफ झलक रही थी। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने आशा भोंसले द्वारा गाए गए प्रसिद्ध हिंदी और बंगला गीतों को प्रस्तुत किया। हर गीत के साथ उपस्थित लोगों की भावनाएं और भी जुड़ती चली गईं। श्रद्धांजलि सभा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह संगीत के माध्यम से एक सजीव स्मृति बन गई, जिसमें आशा ताई के योगदान को दिल से महसूस किया गया।
आयोजन की प्रमुख सुचित्रा सरकार ने बताया कि यह कार्यक्रम महान गायक किशोर कुमार की धरती से आशा ताई को नमन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि आशा भोंसले का संगीत भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और उनकी आवाज़ आज भी हर पीढ़ी के दिलों में जीवित है। इस कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित महिलाओं ने सामूहिक रूप से गीत गाकर आशा भोंसले को श्रद्धांजलि दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

