विद्युतीकरण के बाद भी पुरानी समय-सारणी से चल रहीं ट्रेनें, यात्री परेशान: चांद झुनझुनवाला
भागलपुर, 03 नवंबर (हि.स.)। भारतीय रेलवे के पूरे नेटवर्क का विद्युतीकरण होने और ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने के बावजूद पुरानी समय-सारणी न बदले जाने के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह गंभीर मुद्दा भारत विकास परिषद के सचिव चांद झुनझुनवाला ने उठाया है।
उन्होंने खुद इस विकट समस्या का अनुभव करने के बाद रेल मंत्रालय और भारत सरकार से ट्रेनों के री-शेड्यूल की मांग की है। चांद झुनझुनवाला ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि गाड़ी संख्या 13024 (गया-हावड़ा एक्सप्रेस), जो गया से चलकर किऊल और भागलपुर होते हुए हावड़ा जाती है, लगभग रोज अपने तय समय से काफी पहले किऊल स्टेशन पहुंच जाती है। आज भी यह ट्रेन अपने निर्धारित समय दोपहर 3:35 बजे के बजाय 22 मिनट पहले यानी 3:13 बजे ही किऊल पहुंच गई। इसके बाद ट्रेन को रोज की तरह आज भी लगभग आधे घंटे तक अनावश्यक रूप से स्टेशन पर ही रोककर रखा गया, जबकि इसका प्रस्थान समय 3:40 बजे है। सह-यात्रियों ने भी इस बात की पुष्टि की कि यह उनके दैनिक सफर की एक बड़ी समस्या बन चुकी है।
भारत विकास परिषद के सचिव ने इस लेटी-लतीफी के पीछे का तकनीकी कारण बताते हुए कहा कि वर्तमान समय-सारणी दशकों पुरानी है, जब ट्रेनें डीजल इंजनों से चलती थीं और उनकी अधिकतम गति 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा हुआ करती थी। आज के समय में ट्रैक और ट्रेनों का विद्युतीकरण हो चुका है, जिससे ट्रेनें 110 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही हैं। रफ्तार बढ़ने के कारण ट्रेनें अगले स्टेशनों पर समय से पहले पहुंच जा रही हैं, लेकिन पुराना शेड्यूल बनाए रखने के लिए उन्हें किऊल या भागलपुर जैसे बड़े स्टेशनों पर जबरन रोककर रखा जाता है।
चांद झुनझुनवाला ने रेल मंत्रालय और भारत सरकार से पुरजोर मांग की है कि इलेक्ट्रिक ट्रेनों की बढ़ी हुई क्षमता और रफ्तार के अनुसार रेलवे के पूरे टाइम शेड्यूल को तत्काल री-शेड्यूल किया जाए। उन्होंने कहा, अगर समय-सारणी में सुधार किया जाता है, तो लंबी दूरी की ट्रेनें अपने गंतव्य पर 2 से 3 घंटे पहले पहुंच सकती हैं। इससे न केवल यात्रियों के कीमती समय की बचत होगी, बल्कि भारतीय रेलवे की कार्यकुशलता भी बढ़ेगी। उन्होंने समाचार पत्र बंधुओं से भी अपील की है कि जनहित के इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर रेल प्रशासन तक पहुंचाएं ताकि यात्रियों को इस रोज-रोज की विकट समस्या से निजात मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

