भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं की रक्षा का लिया संकल्प, छठ पर्व के महत्व से रूबरू हुए नौनिहाल

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भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं की रक्षा का लिया संकल्प, छठ पर्व के महत्व से रूबरू हुए नौनिहाल


नवादा, 06 नवंबर (हि.स.)। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के महत्व, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से नई पीढ़ी को परिचित कराने के उद्देश्य से जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल, नवादा में भव्य छठ महोत्सव का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षक झांकी निकालकर भारतीय संस्कृति एवं लोक आस्था की अनूठी छटा बिखेरी। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित शिक्षकों और अभिभावकों का दिल जीत लिया।

महोत्सव को लेकर विद्यालय परिसर में छठ घाट का आकर्षक दृश्य तैयार किया गया था। इसमें छठ पूजा की पारंपरिक विधियों और तैयारियों को जीवंत रूप दिया गया। नन्हीं छात्राएं लाल, पीली और नारंगी रंग की साड़ियों एवं चुनरियों में सुसज्जित होकर छठ व्रती के रूप में नजर आईं। उनके हाथों में पूजा का सूप, दौरा, फल, ठेकुआ और गन्ना आकर्षण का केंद्र बना रहा। माथे पर सिंदूर लगाए बच्चियों ने पारंपरिक अंदाज में छठ पूजा की झांकी प्रस्तुत की। वहीं, बच्चों ने छठ

गीतों के माध्यम से पर्व की महत्ता को दर्शाया। विद्यालय के शिक्षिका आयुषी कुमारी तथा वंदना कुमारी का बेहतर योगदान रहा।

विद्यालय के निदेशक राजेंद्र प्रसाद साहू तथा प्रबंध निदेशक रश्मि गुप्ता ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपरा और लोक आस्था के महापर्व छठ से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि छठ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सूर्य उपासना, स्वच्छता, शुद्धता, अनुशासन और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का महान पर्व है। बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों की जानकारी देना भी जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को छठ पूजा के चार दिवसीय अनुष्ठान नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही छठ घाटों की सफाई, प्लास्टिक के उपयोग से परहेज और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

महोत्सव में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। शिक्षकों और अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए न संस्कार, सांस्कृतिक चेतना और अपनी मिट्टी के प्रति लगाव पैदा करते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं की रक्षा का संकल्प भी लिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन

Livevns.news Desk
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