नालंदा जिलाअन्तर्गत 2 हजार छतों पर सोलर संयंत्र अधिष्ठापन का लक्ष्य

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नालंदा जिलाअन्तर्गत 2 हजार छतों पर सोलर संयंत्र अधिष्ठापन का लक्ष्य


नालंदा, बिहारशरीफ 17 जनवरी (हि.स.)।जिला मुख्यालय स्थित हरदेव भवन सभागार मेंआज शनिवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अन्तर्गत एक बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में नालंदा जिला द्वारा प्राप्त की गई उपलब्धियों का प्रमुखता से उल्लेख किया गया जिसमें विद्युत अधीक्षण अभियंता बताया गया कि जागरूक उपभोक्ताओं एवं कर्मठ संवेदकों के परिश्रम से नालंदा पुरे बिहार में दूसरा स्थान हासिल किया है।

मौके पर जिला पदाधिकारी के द्वारा तीस ऐसे उपभोक्ताओं को पुरस्कृत किया गया जिनके द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर संयंत्र स्थापित कर खपत की जाने वाली ऊर्जा राशि शून्य कर ली गई है।पुरस्कृत उपभोक्ताओं में काशी तकिया निवासी संदीप कुमार, किशन बाग निवासी अनीता देवी. सकुनत कला निवासी अनील कुमार, बड़ी खासगंज निवासी मो० अमियाज जाफरी, कल्याण बिघा निवासी सोनी कुमारी एवं चण्डी निवासी शम्भुलाल विश्वकर्मा इत्यादि प्रमुख रहे। उपभोक्ताओं को प्रशस्ति पत्र के साथ पुरस्कार प्रदान किये गये। साथ ही जिले में बेहतर कार्य करने वाले पाँच चयनित प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से संबंद्ध संवेदकों को भी पारितोषिक के साथ गिफ्ट देकर सम्मानित किया गया।इस मौके परनगर आयुक्त बिहारशरीफ, उप विकास आयुक्त नालंदा एवं मुख्य अभियंता (परियोजना), विद्युत भवन, पटना द्वारा बताया गया कि योजना के विस्तृत स्वरूप की जानकारी सभी उपभोक्ताओं को दी गई है।

इस संबंध में डीएम ने बताया कि शहरी व ग्रामीण परिवेश में सौर्य ऊर्जा आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही सूर्य ऊर्जा का अनंत स्त्रोत है एवं यह स्त्रोत प्रदूषण रोकने एवं पर्यावरण के उत्थान के लिये सहायक है। जहां तक अक्षय ऊर्जा स्त्रोत प्रकृति एवं हमारी आने वाली पीढ़ी के लिये अतिआवश्यक है वहीं विदेशो से आयातित जीवाश्म आधारित ऊर्जा की अपेक्षा सौर ऊर्जा भारत आत्मनिर्भर बनाने की ओर अग्रसारित करती है।

उन्होंने बताया कि 2030 तक भारत की कुल ऊर्जा क्षमता को 50 प्रतिशत तक गैर जीवाश्म आधारित ऊर्जा स्त्रोत से हासिल करने का लक्ष्य है। सभी छात्र-छात्राओं को डीएम ने कहा कि वे सभी अपने अभिभावकों को सौर ऊर्जा संयंत्र को आपने घरों की छतों पर लगाने हेतु प्रेरित करें। डीएम ने बताया कि नालंदा जिला में चालु वर्ष 2026 में जिलाअन्तर्गत 2 हजार छतों पर सोलर संयंत्र अधिष्ठापन का लक्ष्य भी विद्युत विभाग को दिया गया है एवं नालंदा को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में प्रथम स्थान पर आने की प्रेरणा दी गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना को सफल बनाने में बैंकर्स की अहम भूमिका होती है इसमें और अधिक प्रगति लाने की आवश्यकता है ।पी एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना एवं ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित बताया गया है किभारत की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 510 गीगावॉट है जिसमें से लगभग 44 प्रतिशत जिवाश्म ईंधन जबकि 26 प्रतिशत सौर ऊर्जा एवं 21 प्रतिशत अन्य अक्षय ऊर्जा स्त्रोत से प्राप्त होती है।भारत सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट गैर जीवाश्म स्त्रोत से ऊर्जा उत्पादन करने का है। जिसमें 280 गीगावॉट सौर ऊर्जा के माध्यम से प्राप्त होगा।उन्होंने बताया कि बिहार की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 10816 मेगावॉट, जिसमें से 94 प्रतिशत जिवाश्म ईंधन एवं केवल 4 प्रतिशत सौर ऊर्जा (435 मेगावॉट) है।पी.एम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत वर्तमान में भारत की कुल रूफ टॉप सोलर क्षमता 8 हजार मेगावॉट तथा बिहार की कुल रूफ टॉप सोलर क्षमता 525 मेगावॉट है।भारत सरकार द्वारा पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत वर्ष 2026-27 तक 1 करोड़ परिवारों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य है।जो अबतक भारत में 21,70,821 उभोक्ताओं के परिसर में सोलर अधिष्ठापन का कार्य किया जा सका है। जिनकी कुल क्षमता 8 हजार मेगावॉट है। कुल आवंटित अनुदान की राशि 15,264 करोड़। वहीं दूसरी ओरअबतक बिहार में 14616 उभोक्ताओं के परिसर में सोलर अधिष्ठापन का कार्य किया जा सका है। जिनकी कुल क्षमता 52.5 मेगावॉट है। कुल आवंटित अनुदान की राशि 103.56 करोड़ बतायी गयी है। वहीं इस कार्यक्रम के तहत अबतक नालंदा में 949 उभोक्ताओं के परिसर में सोलर अधिष्ठापन का कार्य किया जा चुका है। जिनकी कुल क्षमता 3180 किलोवॉट है। वर्तमान में अधिष्ठापन की दृष्टि से यह बिहार में दुसरे स्थान पर है।

अच्छे प्रदर्शन एवं बेहतर संभावानों के आधार पर एम एन आर ई द्वारा सिटी एक्सलेरेटेड प्रोग्राम में नालंदा का चयन पटना एवं मुज्जफरपुर के साथ बेहतर तकनिकी सहायता एवं क्षमता निर्माण के लिए किया गया है।इस योजना के अन्तर्गत घरेलु विद्युत संबंध में 01 किलोवॉट सोलर पैनल लगाने का खर्च लगभग 60-70 हजार रूपये आता है जिसमें 30 हजार रूपये का अनुदान सरकार द्वारा दिया जाता है। वहीं 02 किलोवॉट सोलर पैनल के लिये खर्च लगभग 1 लाख 20-40 हजार रूपये आता है जिसमें सरकार द्वारा 60 हजार रूपये अनुदान प्रदान किया जाता है।इस योजना के तहत सरकार द्वारा अधिकतम अनुदान की राशि 78 हजार रूपये निर्धारित की गई है।उपभोक्ता द्वारा सोलर अधिष्ठापन के दौरान व्यय की गई पूरी राशि की बसूली लगभग 5 वर्ष में संयंत्र से उत्पादित सौर ऊर्जा के माध्यम से की जायेगी।इस योजना के लिए पूर्व के तुलना में बैंको द्वारा 7 प्रतिशत के स्थान पर अब 5.5 प्रतिशत ब्याज दर पर जनसमर्थ पोर्टल के माध्यम से लोन उपलब्ध करायाजाता है। नालंदा जिले में 736 लोन आवेदन में से 48 प्रतिशत का पूर्ण अथवा आंशिक भुगतान किया गया है। जबकि 268 आवेदन रद्द किया गया एवं 63 अन्य लंबित है।नालंदा जिले के वेंडरों में- रिसन पॉवर प्रा० लि० 138 परिसर में सोलर का अधिष्ठापन किया गया जिसकी कुल क्षमता 459 किलोवॉट है। वहीं आर.वी.पी. इन्टरप्राईज के द्वारा 104 परिसर में सोलर का अधिष्ठापन किया गया, जिसकी कुल क्षमता 362 किलोवॉट है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे

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