बाल विवाह रोकथाम के लिए स्कूली बच्चों ने लिया सामूहिक संकल्प
नालंदा, बिहारशरीफ 29 नवंबर (हि.स.)।नालंदा जिले में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत हिलसा शहर के मध्य विद्यालय में आज शनिवार को नाटक, पेंटिंग, रंगोली और कई जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने बाल विवाह की कुरीति पर जोरदार नाटक प्रस्तुत किया जिसमें बाल विवाह के दुष्परिणाम और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को प्रभावशाली तरीके से दर्शायागया। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने संदेश दिया कि बाल विवाह न केवल शिक्षा और विका स में बाधक है,बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए भी हानिकारक है।यह कार्यक्रम विद्यालय के सभी शिक्षकों की देखरेख में सफलता पूर्वक संपन्न किया गया।
मौके पर उपस्थित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नितेश कुमार रंजन ने कहा कि“सरकार ने बाल विवाह रोकने के लिए कठोर कानून बनाए है। लड़कियों की शादी की उम्र 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। बाल विवाह मुक्त भारतअभियान का उद्देश्य लोगों में जागरूकता पैदा करना और समाज को इस बुराई के खिलाफ एकजुट करना है।
उन्होंने विद्यालय के बच्चों को बा ल विवाह न करने और न होने देने का सामूहिक संकल्प
भी दिलाया।विद्यालय के प्रधानाध्यापककुमार पंकज ने अपने संबोधन में कहा किबाल विवाह एक गंभीर सामाजिक अभिशाप है, जो बच्चों के शिक्षा , स्वास्थ्य, सुरक्षा और करियर को गहरी चोट पहुंचाता है। शिक्षकों ने छात्रों को समझाया कि बाल विवाह कानून का उल्लंघन है और उनके सपनों के बीच एक बड़ी बाधा है।कार्यक्रम में शिक्षक राजेश कुमार, ज्योति कुमारी , सिम्पल कुमारी , खुश्बू, कविता समेत कई शिक्षक मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे

