स्नातक सेमेस्टर चार के हिन्दी की होगी पुनर्परीक्षा
भागलपुर, 03 जनवरी (हि.स.)। बीते दिनों स्नातक सेमेस्टर चार की हिन्दी विषय की परीक्षा में सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे जाने को लेकर उठे विवाद पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रहित में फैसला लिया है।
टीएनबी कॉलेज और बीएन कॉलेज परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र को लेकर परीक्षार्थियों द्वारा किए गए बहिष्कार के बाद प्रभारी कुलपति प्रो. बिमलेन्दु शेखर झा ने इस मामले में जनवरी के दूसरे सप्ताह में पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
विश्वविद्यालय स्तर पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट, छात्रों के आरोपों और संबंधित परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षकों के मंतव्यों का अध्ययन करने के बाद यह फैसला लिया गया। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण में छात्रों की कोई गलती नहीं है।
प्रश्नपत्र सिलेबस से बाहर होने के कारण छात्रों का आक्रोश और परीक्षा बहिष्कार जायज पाया गया। इसी आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने हिन्दी विषय की पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
पुनर्परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी परीक्षा नियंत्रक डॉ. बिनोद कुमार ओझा को सौंपी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जल्द ही परीक्षा की तिथि, केंद्र और अन्य औपचारिक जानकारियां अधिसूचना के माध्यम से जारी की जाएंगी। टीएमबीयू के पीआरओ दीपक दिनकर ने शनिवार को बताया कि जिन छात्रों ने उस दिन परीक्षा का बहिष्कार नहीं किया था, वे भी यदि चाहें तो पुनर्परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
इसके लिए छात्रों से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा, जो कि छात्रों के लिए बड़ी राहत है। अंक निर्धारण को लेकर भी विश्वविद्यालय ने छात्रों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बेस्ट ऑफ टू के आधार पर परिणाम तैयार किया जाएगा। यानी छात्र जिस परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त करेंगे, वही अंक अंतिम रूप से मान्य किए जाएंगे।
इससे किसी भी छात्र का शैक्षणिक नुकसान नहीं होगा। विश्वविद्यालय के इस फैसले से परीक्षा को लेकर असमंजस में पड़े छात्रों ने राहत की सांस ली है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

