नन्हे दिल को मिला सरकारी सहारा, इलाज के लिए पटना रवाना
किशनगंज, 01 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) और मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की पहल जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को कोचाधामन प्रखंड के समसाद आलम को उपचार के लिए सदर अस्पताल किशनगंज से आईजीआईएमएस पटना भेजा गया। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बच्चे की आवश्यक जांच के बाद चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार आगे का उपचार किया जाएगा। आरबीएसके के तहत बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान जन्मजात हृदय रोग समेत विभिन्न गंभीर बीमारियों की पहचान की जाती है। बीमारी की आशंका मिलने पर बच्चों को आगे की जांच के लिए भेजा जाता है।
हृदय रोग की पुष्टि होने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उपचार एवं जरूरत पड़ने पर सर्जरी की व्यवस्था की जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में जिले के 16 बच्चों की जन्मजात हृदय रोग के कारण सर्जरी कराई गई, जबकि वर्ष 2026 में अब तक छह बच्चों को उपचार अथवा सर्जरी की सुविधा मिल चुकी है। सरकारी योजना के माध्यम से बच्चों को उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि बच्चों में जन्मजात बीमारी की समय पर पहचान बेहद जरूरी है। प्रशासन का प्रयास है कि जांच में चिन्हित बच्चों को आवश्यक उपचार समय पर मिले और आर्थिक कठिनाई इलाज में बाधा न बने।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि आरबीएसके के माध्यम से बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर गंभीर बीमारियों की पहचान की जा रही है। चिन्हित बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंचाने और आवश्यकतानुसार सर्जरी कराने की प्रक्रिया लगातार जारी है। सरकारी व्यवस्था के तहत जांच से लेकर उपचार तक की कड़ी को मजबूत किया जा रहा है, ताकि बच्चों का स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित हो सके।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

