किशनगंज के तीन नन्हे दिलों को मिलेगा नया जीवन, अहमदाबाद में होगी ओपन हार्ट सर्जरी

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किशनगंज के तीन नन्हे दिलों को मिलेगा नया जीवन, अहमदाबाद में होगी ओपन हार्ट सर्जरी


किशनगंज, 03 अक्टूबर (हि.स.)। जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे तीन मासूम बच्चों के जीवन में अब नई उम्मीद जगी है। आर्थिक तंगी के कारण जिन परिवारों के लिए बच्चों की ओपन हार्ट सर्जरी कराना मुश्किल था, उनके लिए सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं वरदान साबित हो रही हैं।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) और बाल हृदय योजना के तहत रागिनी कुमारी, सुहेब और आरती कुमारी का अहमदाबाद के श्री सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल में मुफ्त उपचार कराया जाएगा। तीनों बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में ओपन हार्ट सर्जरी के लिए भेजने की तैयारी की गई है।

डीपीएम डॉ. मुनाजिम ने बताया कि मंगलवार को रागिनी कुमारी और सुहेब को सदर अस्पताल किशनगंज से एंबुलेंस के माध्यम से राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार, पटना के लिए रवाना किया गया।दोनों बच्चों के साथ डॉ. मोहम्मद नदीम भी मौजूद रहे। वहीं, तीसरी बच्ची आरती कुमारी ट्रेन से पटना पहुंचेगी।

पटना में आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों बच्चों को हवाई जहाज से अहमदाबाद भेजा जाएगा। इस पूरी पहल की सबसे बड़ी राहत यह है कि बच्चों को अहमदाबाद पहुंचाने, हवाई यात्रा और उपचार से संबंधित निर्धारित खर्च सरकार वहन करेगी। इससे गरीब परिवारों को महंगे इलाज और लाखों रुपये जुटाने की चिंता से राहत मिलेगी।

निजी अस्पतालों में हृदय की जटिल सर्जरी का खर्च उठाना इन परिवारों के लिए संभव नहीं था, लेकिन सरकारी योजना के सहयोग से बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने का रास्ता खुल गया है।

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि बाल हृदय योजना के माध्यम से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को विशेषज्ञ अस्पतालों में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि आर्थिक कमजोरी किसी बच्चे के उपचार में बाधा नहीं बननी चाहिए।

प्रशासन का प्रयास है कि सभी पात्र बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी विद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में बच्चों की स्क्रीनिंग कर जन्मजात बीमारियों की पहचान की जाती है। गंभीर मामलों को विशेषज्ञ अस्पतालों में उपचार के लिए रेफर किया जाता है।

रागिनी, सुहेब और आरती के परिजनों की निगाहें अब सफल सर्जरी और बच्चों की स्वस्थ वापसी पर टिकी हैं। तीनों परिवारों के लिए यह यात्रा महज अहमदाबाद पहुंचने का सफर नहीं, बल्कि अपने बच्चों को स्वस्थ और खुशहाल बचपन लौटाने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

Livevns.news Desk
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