गोण्डा कचहरी से गोल्डनगंज तक प्रस्तावित तीसरी व चौथी रेलवे लाइन परियोजना को लेकर जिलाधिकारी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
सारण, 23 मई (हि.स.)। गोण्डा कचहरी से गोल्डनगंज तक प्रस्तावित तीसरी व चौथी रेलवे लाइन परियोजना को लेकर जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
समाहर्ता कक्ष में हुई इस बैठक में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ एनएचएआई, जल संसाधन, विद्युत और भू-अर्जन विभाग के अधिकारी शामिल हुए। यह रेल परियोजना उत्तर प्रदेश और बिहार के 7 जिलों को आपस में जोड़ेगी।
बैठक में साझा किए गए प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस पूरी परियोजना की कुल लंबाई 378.742 किलोमीटर है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के 5 और बिहार के 2 जिले सीवान एवं सारण शामिल हैं।
सारण जिले के अंतर्गत इस ट्रैक की कुल लंबाई 49 किलोमीटर होगी। इस रेल खंड के बुनियादी ढांचे के तहत 16 रोड अंडर ब्रिज, 14 बड़े पुल, 93 छोटे पुल और 01 रेल ओवर रेल का निर्माण प्रस्तावित है।
समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि चैनवा से गोल्डनगंज तक रेलवे की मौजूदा लाइन के विस्तारीकरण के लिए नए सिरे से भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता होगी। वहीं घनी आबादी और तकनीकी जटिलताओं से बचने के लिए कोपा से गोल्डनगंज तक एक नया बाईपास लाइन बनाने की योजना पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
जिलाधिकारी ने संबंधित तकनीकी विभाग, विद्युत सिंचाई, एनएचएआई रेलवे के साथ मिलकर प्रस्तावित रूट का संयुक्त भौतिक सत्यापन करें, सर्वे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेलवे ट्रैक के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों, ग्रामीण सड़कों या नहरे के संचालन में कोई बाधा ना आए सभी विभाग अपनी रिपोर्ट त्वरित गति से जिला प्रशासन को सौंपने का निर्देश दिया, ताकि परियोजना के कार्यों को समय पर आगे बढ़ाया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार

