बिहार में सफाईकर्मियों और चालक दल की हड़ताल का तीसरा दिन, राजधानी पटना में लगा कचरों का अम्बार

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बिहार में सफाईकर्मियों और चालक दल की हड़ताल का तीसरा दिन, राजधानी पटना में लगा कचरों का अम्बार


पटना, 01 अगस्त (हि.स.)।

बिहार में नगर निकायों में काम करने वाले सफाईकर्मियों और चालक दल की हड़ताल शनिवार को आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गई है। हड़ताल में करीब 42 हजार सफाई कर्मचारी और चालक शामिल हैं। हड़ताल की वजह से पटना समेत राज्य के कई शहरों में गली-मोहल्लों में कचरा पड़ा हुआ है। बदबू से लोगों का हाल बेहाल है।

पटना नगर निगम में 5 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। शहर का कचरा उठाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई है, लेकिन हड़ताल में शामिल कर्मचारी उन कर्मचारियों को कचरा उठाने से रोक रहे हैं।

नगर निगम आयुक्त ने काम में बाधा डालने वालों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पटना में कई जगहों पर पुलिस की मौजूदगी में कचरा उठाया जा रहा है। दरभंगा में 1500 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। शहर में कूड़ा फैला हुआ है। दरभंगा में रोज 10 टन कचरा उठता है। 3 दिनों से ये कचरा नहीं उठाया गया है। पटना में रात 10 से सुबह 4 बजे तक कचरे का उठाव हो रहा है। नालंदा में 1300 सफाईकर्मी हड़ताल पर है।

पटना के नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सभी सफाई निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि हर वार्ड में काम कर रहे सफाईकर्मियों के अतिरिक्त 15 से 20 सहयोगियों की टीम तैयार कर काम कराएं। उन्होंने काम में बाधा डालने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने निर्धारित अंचलों में लगातार निगरानी रखते हुए रात में विशेष सफाई अभियान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

नगर आयुक्त ने सभी सफाई कर्मियों से कार्य पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पटना नगर निगम ने सफाई कर्मियों के यूनियन की सभी मांगें, जो निगम के अधिकार क्षेत्र में थीं, पहले ही मान ली है। इसके अलावा बाकी मांगों को भी भेजा गया है। जनहित को सर्वोपरि रखते हुए तत्काल अपने काम पर लौटें, ताकि शहर की स्वच्छता व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

पटना नगर निगम समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया, हमने डेढ़ महीने पहले हड़ताल की सूचना दे दी थी। अगर सरकार की मंशा सही होती तो सूचना देने के एक सप्ताह के अंदर ही बातचीत कर समस्या का समाधान करने की कोशिश की जाती।

समस्तीपुर नगर निगम कर्मचारी संघ के संगठन सचिव राजकुमार राम ने कहा, तीन सूत्री मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है। सभी हड़ताल पर हैं। दैनिक कर्मचारी 10 साल से काम कर रहे हैं, उन्हें स्थाई नहीं किया गया है। पैसा भी सही से नहीं मिला रहा है। सरकारी कर्मचारी की सुविधा दैनिक कर्मियों को मिलनी चाहिए।

दरभंगा में 45 सफाई कर्मियों ने प्रदर्शन किया। नगर पंचायत कार्यालय सिंहवाड़ा में ताला जड़ते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल कर्मियों का कहना है कि जब तक मांग पूरी नही होगी कार्यालय का ताला नहीं खोला जाएगा।

बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्र में गुरुवार से शुरू हुई सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के तीसरे दिन शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। बिहार लोकल बॉडीज इम्पलाइज फेडरेशन और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के राज्यव्यापी आह्वान पर लगभग 1300 सफाईकर्मी निगम के मेन गेट पर धरना दे रहे हैं।

सफाई व्यवस्था ठप होने से पूरे शहर में जगह-जगह कूड़े का अंबार लग गया है, जिससे आम जनजीवन बेहाल है और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। रोजाना शहर से 250 टन कचरे का उठाव होना था, लेकिन उसके ठप हो जाने से परेशानी बढ़ती जा रही है।

सुपौल में भी सफाईकर्मियों की हड़ताल जारी है। सफाई नहीं होने के कारण सड़क पर कचरा का जमावड़ा लगा हुआ है। अभी तक नगर परिषद की ओर से कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जिसकी वजह से परेशानी और बढ़ गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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