सुलतानगंज अगुवानी निर्मणधीन गंगा पुल में चोरों ने लगाया सेंध, सरिया काट बढ़ायी चुनौती
भागलपुर, 01 सितंबर (हि.स.)। जिले के सुलतानगंज में गंगा का बढ़ता जलस्तर पहले ही सुलतानगंज-अगुवानी निर्माणाधीन फोरलेन के कार्य पर ब्रेक लगा चुका है। वहीं अब काम बंद होने का फायदा उठाकर चोरों ने भी निर्माण एजेंसी की मुश्किलें बढ़ा दी है। बीच गंगा में नाव के सहारे पहुंचे चोरों ने निर्माणाधीन पाया संख्या 10 के समीप डॉल्फिन ऑब्जर्वेटरी स्ट्रक्चर से भारी मात्रा में सरिया काट लिया। इस चोरी से कंपनी को करीब एक लाख रुपये की क्षति हुई है, लेकिन इससे भी बड़ी चिंता निर्माण कार्य को दोबारा तकनीकी मानकों के अनुरूप मजबूत करने की है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से करीब 20 दिनों से नदी के बीच में निर्माण कार्य बंद है। इसी दौरान चोरों ने बीच गंगा में सुनसान पड़े निर्माण स्थल को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि डॉल्फिन को गंगा पुल से देखने के लिए विशेष संरचना विकसित की जा रही है। इसी निर्माणाधीन पाये में लगे सरिया को नाव लगाकर काट लिया गया।
घटना सामने आने के बाद निर्माण एजेंसी में हड़कंप मच गया। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर रविशंकर सिंह ने बताया कि बीच गंगा में नाव के माध्यम से पहुंच सरिया काटे जाने की जानकारी मिली है। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों को सतर्क कर निर्माण स्थल के साथ सामग्री की निगरानी कड़ी करने का निर्देश दिया गया है। कटे हुए सरिया की जगह नये सिरे से सरिया लगाकर पूरी संरचना को फिर मजबूत करना होगा। तकनीकी जांच और पुनर्निर्माण में अतिरिक्त समय लगेगा। ऐसे में पहले से ही जलस्तर के कारण रुका काम और प्रभावित होने की आशंका है।
प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुसार, बढ़ते पानी के कारण बीच गंगा में काम पूरी तरह से बंद है। किनारे के कुछ हिस्सों में सीमित निर्माण कार्य चल रहा था। लेकिन जलस्तर बढ़ने के बाद अब वहां भी काम प्रभावित है। उल्लेखनीय है कि करीब 1,710 करोड़ रुपये की सुलतानगंज-अगुवानी फोरलेन पुल परियोजना वर्ष 2015 से कई हादसों और तकनीकी चुनौतियों का सामना कर रही है। करीब 11 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद वर्ष 2026 में निर्माण कार्य ने फिर गति पकड़ी है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा फोरलेन संपर्क स्थापित होगा। विक्रमशिला पुल पर आवागमन बंद होने से इस पुल निर्माण को जल्द पूरा करने का सरकारी दबाव है। इस पुल के चालू होने से भागलपुर, खगड़िया, मुंगेर, बेगूसराय और कोसी-सीमांचल के लाखों लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। यात्रा का समय घटेगा, व्यापार और उद्योग को नयी गति मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

