तेजस्वी यादव का पूरा राजनीतिक करियर परिवारवाद, भ्रष्टाचार और जंगलराज की विरासत पर टिका है: संजय सरावगी

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पटना, 27 अप्रैल (हि.स.)। बिहार प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष संजय सरावगी ने तेजस्वी यादव के बयान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह बयान पूरी तरह से झूठ, भ्रम और राजनीतिक बौखलाहट का नतीजा है। जनता द्वारा लगातार नकारे जाने के बाद अब तेजस्वी यादव अनर्गल आरोप लगाकर सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति का राजनीतिक करियर ही परिवारवाद, भ्रष्टाचार और जंगलराज की विरासत पर टिका हो, वह आज महिलाओं के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहा है। यह बिहार की मातृशक्ति का अपमान है।

श्री सरावगी ने दो टूक कहा कि चुनाव के दौरान पैसे बांटने, डराने-धमकाने और कैमरे से निगरानी जैसे आरोप पूरी तरह काल्पनिक और हास्यास्पद हैं। तेजस्वी यादव को बताना चाहिए कि उनके पास इन आरोपों का एक भी ठोस प्रमाण है या नहीं। केवल झूठ बोलकर जनता को गुमराह करना उनकी पुरानी आदत रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राजद का पूरा राजनीतिक मॉडल ही झूठ, भय और भ्रम पर आधारित रहा है। जब-जब बिहार में राजद को मौका मिला, तब-तब प्रदेश को अराजकता, अपराध और भ्रष्टाचार की आग में झोंका गया।

श्री सरावगी ने कहा कि एनडीए सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं। “नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण को नई ऊंचाई दी, हर क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव लाए,जीविका दीदियों को आर्थिक मजबूती, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, हर घर नल-जल जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया है। यही वजह है कि बिहार की महिलाएं आज एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी हैं।

उन्होंने तेजस्वी यादव को चुनौती देते हुए कहा कि वे बिहार की जनता को गुमराह करने की बजाय अपने 15 वर्षों के कुशासन का हिसाब दें।

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव का यह बयान उनकी राजनीतिक जमीन खिसकने का साफ प्रभव है। एनडीए सरकार विकास और सुशासन के रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ती रहेगी।

श्री संजय सरावगी ने कोलकाता में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर दिए गए तेजस्वी यादव के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव सस्ती लोकप्रियता के लिए देश के शीर्ष नेताओं पर अनर्गल और स्तरहीन टिप्पणी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को पहले अपनी राजनीतिक मर्यादा और भाषा पर नियंत्रण सीखना चाहिए। जिस नेता ने देश की सुरक्षा, एकता और विकास के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं, उनके खिलाफ इस तरह के बयान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण हैं बल्कि पूरी तरह से निंदनीय भी हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त

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