विद्यालय एवं संगठन के प्रति आचार्य को समर्पण भाव से करना चाहिए काम - प्रदीप कुमार कुशवाहा

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विद्यालय एवं संगठन के प्रति आचार्य को समर्पण भाव से करना चाहिए काम - प्रदीप कुमार कुशवाहा


भागलपुर, 08 जून (हि.स.)। गणपतराय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर, सैनिक स्कूल, नरगा कोठी भागलपुर में आयोजित नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग एवं सेवा स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग के सोलहवें दिन सोमवार का शुभारंभ विद्या भारती उत्तर पूर्व क्षेत्र के संगठन मंत्री ख्यालीराम, प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा तथा गयाजी विभाग के विभाग निरीक्षक उमाशंकर पोद्दार द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ किया गया।

प्रथम सत्र में संगठन मंत्री ख्यालीराम ने आचार्य एवं दीदीजी के मन में उठ रहे विभिन्न प्रश्नों का अत्यंत सरल एवं सहज शब्दों में समाधान प्रस्तुत किया। उन्होंने संगठन, राष्ट्र, समाज, भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से संबंधित अनेक जिज्ञासाओं का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए आचार्यों का मार्गदर्शन किया। उनके प्रेरक विचारों से उपस्थित प्रशिक्षार्थियों को वैचारिक स्पष्टता एवं कार्य के प्रति नवीन ऊर्जा प्राप्त हुई।

द्वितीय सत्र में भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति के प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा ने आचार्य नियमावली पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने नियमावली के विभिन्न बिंदुओं की व्याख्या करते हुए आचार्यों के अवकाश, दायित्वों तथा कार्यशैली से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।

भोजनावकाश के उपरांत प्रदेश सचिव ने सेवा स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग में सम्मिलित आचार्यों के साथ संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने उनके अनुभवों, सुझावों एवं शंकाओं को सुनते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया तथा विद्यालय एवं संगठन के प्रति समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण वर्ग का वातावरण पूरे दिन उत्साह, अनुशासन एवं सकारात्मक संवाद से ओतप्रोत रहा। इस अवसर पर वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह, उप प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुमार सहित समस्त पूर्णकालिक कार्यकर्ता, आचार्य एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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