टीबी से जंग में दवा के साथ पोषण भी जरूरी, किशनगंज में 5.34 लाख लोगों की स्क्रीनिंग
किशनगंज, 14 अक्टूबर (हि.स.)। टीबी उन्मूलन की लड़ाई में केवल नियमित दवा ही नहीं, बल्कि पौष्टिक भोजन, समय पर जांच और मरीजों का मनोबल बढ़ाना भी बेहद जरूरी है।
इसी दिशा में किशनगंज जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच, उपचार और पोषण सहायता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 2 जुलाई से 5 अक्टूबर 2026 तक जिले में 5,34,282 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जबकि 45,560 एक्स-रे किए गए। वहीं, 3,106 पात्र लोगों को टीबी निवारक उपचार उपलब्ध कराया गया।
जिलाधिकारी नवीन कुमार के नेतृत्व में चल रहे अभियान के तहत 1,88,299 लोगों को जोखिम की दृष्टि से संवेदनशील समूह में चिह्नित किया गया। इनमें 39,392 लोगों का एक्स-रे कराया गया। हालांकि, 1 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच 22,304 एक्स-रे के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 12,942 जांच ही हो सकीं। इस दौरान टेढ़ागाछ में 94 प्रतिशत, पोठिया में 86 प्रतिशत और कोचाधामन में 73 प्रतिशत उपलब्धि रही। इसके विपरीत किशनगंज में 29 प्रतिशत, दिघलबैंक में 44 प्रतिशत और बहादुरगंज में 46 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई।
टीबी मरीजों को उपचार के दौरान पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निक्षय पोषण योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जा रही है। 10 सितंबर तक जिले के 2,241 लाभार्थियों में 2,170 के भुगतान खाते तैयार किए गए थे। इनमें 1,466 लाभार्थियों को कुल 53 लाख 94 हजार 500 रुपये का भुगतान किया जा चुका था। बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, डिफरेंशिएटिव टीबी केयर के तहत अधिसूचित 517 मरीजों को सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। मरीजों को आर्थिक सहायता के साथ फूड पैकेट भी दिए जा रहे हैं।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी और जिला यक्ष्मा नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मंजर आलम के नेतृत्व में अभियान जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि लगातार खांसी, बुखार, रात में पसीना या वजन घटने जैसे लक्षणों पर जांच कराएं और टीबी की पुष्टि होने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित उपचार पूरा करें।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

