स्वरांजलि वार्षिकोत्सव का आयोजन

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स्वरांजलि वार्षिकोत्सव का आयोजन


स्वरांजलि वार्षिकोत्सव का आयोजन


भागलपुर, 22 फ़रवरी (हि.स.)। गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल एवं पूरणमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर नरगाकोठी भागलपुर में रविवार को स्वरांजलि वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, प्रांत प्रचारक आशीष कुमार, प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा, अध्यक्ष डॉ चंद्रभूषण सिंह, संरक्षक लक्ष्मी नारायण डोकानिया, प्रोफेसर मधुसूदन झा, तिलक राज वर्मा एवं प्रधानाचार्य अमरेश कुमार के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर आशीष कुमार ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा स्वयं सेवी संस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विद्यालयों में शिक्षा के साथ संस्कार भी दिया जाता है।

संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर परिवार प्रबोधन, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण आदि परिवर्तन की आवश्यकता है। मौके पर अश्वनी कुमार चौबे ने कहा कि संस्कार के बिना शिक्षा का कोई महत्व नहीं है। अतः मूल्य परक शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव है। संस्कार युक्त शिक्षा हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। मौके पर प्रदीप कुमार कुशवाहा ने कहा कि संस्कार युक्त, व्यवहारिक ज्ञान ही शिक्षा का मूल उद्देश्य है और यह संस्कार युक्त शिक्षा का आधार सरस्वती शिशु मंदिर परिवार ही है।

भारतवर्ष में 25,000 विद्यालय चल रहे हैं। विद्या भारती विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है। चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि आज शिक्षा में संस्कार की कमी दिख रही है। संस्कारहीन शिक्षा का कोई मोल नहीं है। यह संस्थान संस्कार युक्त शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। मौके पर छात्रों के द्वारा अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम, गणेश वंदना, नृत्य, संस्कृत गीत, चक्र योग, राजस्थानी पंजाबी नृत्य, कजरी, शास्त्रीय संगीत, आसामी एवं होली नृत्य प्रस्तुत किया गया।

सैनिक स्कूल के छात्रों के द्वारा लिखित पत्रिका का विमोचन किया गया। अतिथि परिचय प्रधानाचार्य अमरेश कुमार के द्वारा, धन्यवाद ज्ञापन ममता जायसवाल के द्वारा एवं मंच संचालन अजय कुमार, भानु प्रिया, सृष्टि प्रभा, स्वस्ति एवं आरुषि के द्वारा किया गया। मौके पर कार्यक्रम प्रमुख विनोद कुमार पांडे, अमरेश कुमार, शशि भूषण मिश्रा, मीडिया प्रभारी दीपक कुमार झा, अभिनंदन सिंह, पवन पंजियारा, शांतनु आनंद एवं दोनों ही खंडो के सभी आचार्य बंधु, भगिनी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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