भागलपुर में चालक के अभाव में 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' का संचालन प्रभावित, पनीर में फॉर्मलिन की आशंका
भागलपुर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने और लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था खुद ही संकट में नजर आ रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग को करीब छह साल पहले उपलब्ध कराया गया आधुनिक चलता-फिरता प्रयोगशाला वाहन ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ चालक की कमी के कारण नियमित रूप से नहीं चल पा रहा है।
वाहन के नियमित रूप से सड़कों पर न उतरने के कारण त्योहारों के इस सीजन में खाद्य पदार्थों की मौके पर होने वाली त्वरित जांच पूरी तरह प्रभावित हो रही है। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजहंस कुमार के अनुसार, स्थानीय बाजारों में बिकने वाले पनीर में मिलावट की गंभीर शिकायतें मिल रही हैं। पनीर को लंबे समय तक खराब होने से बचाने और उसे सुरक्षित रखने के लिए इसमें फॉर्मलिन जैसे खतरनाक रसायनों के इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही, त्योहारों के मद्देनजर विभिन्न प्रकार की मिठाइयों में अनधिकृत और हानिकारक कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल की भी सघन जांच की जा रही है। हालांकि, पनीर में फॉर्मलिन की मिलावट की पूरी तरह से पुष्टि प्रयोगशाला की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। वाहन की अनुपलब्धता के बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जिले में लगातार छापेमारी और निरीक्षण कर रही है। विभाग के मुताबिक, अगस्त महीने से लेकर अब तक करीब आधा दर्जन से अधिक संदिग्ध दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। त्योहारों के मौसम में मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए विभाग संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सैंपल इकट्ठा कर उन्हें जांच के लिए भेज रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वाहन के लिए चालक की व्यवस्था को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि श्रावणी मेला या अन्य महत्वपूर्ण त्योहारों की तरह आम दिनों में भी ऑन-द-स्पॉट जांच को तेजी से बढ़ाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

