डीएम की अध्यक्षता में जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद की बैठक, उपभोक्ता अधिकारों के प्रचार-प्रसार पर जोर

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डीएम की अध्यक्षता में जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद की बैठक, उपभोक्ता अधिकारों के प्रचार-प्रसार पर जोर


सुपौल, 25 फ़रवरी (हि.स.)। जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद की पहली बैठक बुधवार को जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, अध्यक्ष जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस, माप-तौल निरीक्षक, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक सहित दो मनोनीत सदस्य निशा कुमारी एवं कन्हैया कुमार चौधरी उपस्थित रहे।

बैठक में बताया गया कि जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के अंतर्गत गठित एक सलाहकारी परिषद है, जो उपभोक्ताओं को प्राप्त अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़ी समस्याओं पर राज्य सरकार को सलाह देती है। अधिनियम के तहत उपभोक्ताओं को जीवन और संपत्ति के लिए खतरनाक वस्तुओं व सेवाओं से सुरक्षा, वस्तुओं और सेवाओं की गुणवत्ता, मात्रा, शुद्धता, मानक एवं मूल्य की जानकारी प्राप्त करने, प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य पर विकल्प चुनने, समुचित मंच पर अपनी बात रखने, अनुचित एवं प्रतिबंधित व्यापार पद्धतियों के विरुद्ध राहत पाने तथा उपभोक्ता जागरूकता से संबंधित अधिकार प्रदान किए गए हैं।

बैठक के दौरान सदस्यों ने कहा कि वर्तमान समय में उपभोक्ताओं को डिजिटल पेमेंट में धोखाधड़ी, साइबर हैकिंग, नकली और मिलावटी सामान की बिक्री, सोना-चांदी की खरीद में ठगी, बिना मानक वाले उत्पादों की बिक्री, बीमा दावों के भुगतान में देरी, बिजली बिल में गड़बड़ी, अस्पतालों में लापरवाही और भ्रामक विज्ञापनों जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आम उपभोक्ता खुद को ठगा हुआ महसूस करता है।

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 50 लाख रुपये तक के मामलों की सुनवाई का प्रावधान है। इससे अधिक राशि के मामलों की सुनवाई राज्य आयोग तथा 2 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मामलों की सुनवाई राष्ट्रीय आयोग द्वारा की जाती है। सुपौल जिले में अब तक कुल 1164 परिवाद दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 1045 मामलों का निष्पादन हो चुका है, जबकि 119 मामलों की सुनवाई लंबित है। उपभोक्ता पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भी परिवाद दाखिल कर सकते हैं।

जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद ने प्रमुख त्योहारों के दौरान कृत्रिम रंगों के दुष्प्रभाव, खुले बाजार में बिकने वाली मिठाई, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सब्जियों एवं खाद्यान्न में मिलावट जैसे मुद्दों पर विशेष निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। बैठक का समापन उपभोक्ताओं के बीच उनके अधिकारों की जानकारी के व्यापक प्रचार-प्रसार और उन्हें उचित लाभ दिलाने के संकल्प के साथ किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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