जीर्ण-शीर्ण स्कूल को संवारकर राज्य स्तर पर पहचान दिलाने वाले शिक्षक उत्तम कुमार की अनूठी कहानी, डीएम और डीईओ भी कर चुके हैं सम्मानित
भागलपुर, 01 सितंबर (हि.स.)। दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण हो तो एक अकेला व्यक्ति भी व्यवस्था की सूरत बदल सकता है। इसे सच कर दिखाया है भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय 'छोटी जमीन' में विशिष्ट शिक्षक के पद पर कार्यरत उत्तम कुमार ने। पिछले 15 वर्षों से इसी विद्यालय में सेवा दे रहे उत्तम कुमार आज बच्चों के सर्वांगीण विकास और ग्रामीण शिक्षा के उत्थान के लिए एक मिसाल बन चुके हैं। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने का सफर उनके लिए आसान नहीं था। एक समय ऐसा भी था जब स्कूल की सूरत बदलने की उनकी धुन को देखकर लोग उन्हें 'पागल' तक कहने लगे थे। शिक्षक उत्तम कुमार ने बताया कि जब उन्होंने विद्यालय में योगदान दिया था, तब स्कूल भवन अत्यंत जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था। बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना एक बड़ी चुनौती थी। उन्होंने स्कूल को ही अपनी कर्मभूमि मान लिया और पढ़ाई के बाद मिलने वाले खाली समय में खुद ही स्कूल को सजाने-संवारने में जुट गए। उनकी इस अनोखी धुन को देखकर शुरुआत में स्थानीय लोगों ने उन्हें 'पागल' भी कहा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनके इस समर्पण का परिणाम है कि कल तक उपेक्षित रहा यह विद्यालय आज प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। उत्तम कुमार केवल स्कूल की दीवारों को ही नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को भी संवार रहे हैं। उनके द्वारा स्कूल में की गई आकर्षक पेंटिंग और सुंदर बागवानी बच्चों को अपनी ओर आकर्षित करती है। खेल-खेल और रोचक गतिविधियों के माध्यम से पठन-पाठन कराने की उनकी अनूठी शैली के कारण स्कूल में बच्चों की उपस्थिति में भारी सुधार हुआ है। इसके साथ ही, वे अपनी देखरेख और नेतृत्व में विभिन्न अवसरों पर बच्चों से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी करवाते हैं, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो रहा है। उत्तम कुमार के इन उत्कृष्ट कार्यों की गूंज प्रशासनिक गलियारों तक भी पहुंची है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए साल 2023 में शिक्षक दिवस के अवसर पर भागलपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी (डीएम) द्वारा टाउन हॉल में उन्हें मोमेंटो एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया था। इसके अलावा, 'चहक' कार्यक्रम के तहत मास्टर ट्रेनर (प्रशिक्षक) के रूप में उनके गतिविधि-आधारित बेहतरीन प्रशिक्षण कार्य से खुश होकर भागलपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) भी उन्हें मोमेंटो देकर सम्मानित कर चुके हैं। उत्तम कुमार को शिक्षण की नई विधाएं सीखने और सिखाने का गहरा शौक है। उन्हें एससीईआरटी असम में 'कठपुतली कला' के लिए 17 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने का गौरव मिला है। इसके साथ ही, साल 2025 में बिहार दिवस के राज्य स्तरीय उपलक्ष्य में भी उन्हें शामिल होने का मौका मिला। वे शिक्षा विभाग के कई अन्य महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बतौर मुख्य प्रशिक्षक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उत्तम कुमार की इस सफलता के पीछे विद्यालय के टीमवर्क की भी बड़ी भूमिका रही है।
विद्यालय की प्रधान शिक्षिका रश्मि कुमारी के साथ-साथ शिक्षक अजय पंडित, अमित रंजन, कमलेश कुमार और शिक्षिका पुष्पा कुमारी ने उत्तम कुमार के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि उत्तम कुमार के समर्पण और पूरी टीम के सहयोग से ही आज इस विद्यालय की सूरत बदली है और यह क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बन गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

