एसएसबी फिर बना ग्रामीणों का सहारा, विशेष एंबुलेंस से गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाया
पश्चिम चम्पारण (बगहा), 19 अगस्त (हि.स.) दोन क्षेत्र के दुर्गम खैरानी गांव में एक गर्भवती महिला के लिए सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 21वीं वाहिनी एक बार फिर संकट की घड़ी में सहारा बनी है। महिला को प्रसव पीड़ा होने की सूचना मिलते ही वाहिनी की ओर से विशेष एंबुलेंस तत्काल भेजी गई और महिला को सुरक्षित हरनाटांड़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकीय देखरेख में उनका सुरक्षित प्रसव कराया गया।
जानकारी के अनुसार खैरानी गांव निवासी गर्भवती चंद्रज्योति कुमारी को प्रसव के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। सूचना मिलते ही 21वीं वाहिनी के कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुमारचिनवा स्थित ई-कंपनी में तैनात विशेष एंबुलेंस को घटनास्थल के लिए रवाना किया।एसएसबी की टीम ने दुर्गम क्षेत्र में पहुंचकर गर्भवती महिला को सुरक्षित एंबुलेंस से हरनाटांड़ अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा आवश्यक उपचार एवं जांच के बाद महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। मां और नवजात शिशु दोनों स्वस्थ बताये गए हैं।समय पर एंबुलेंस की उपलब्धता और एसएसबी जवानों की त्वरित कार्रवाई से महिला को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकी। स्थानीय लोगों ने संकट की इस घड़ी में सहायता पहुंचाने के लिए सशस्त्र सीमा बल के जवानों की सराहना की।21वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल द्वारा कहा गया कि बल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आवश्यकता के समय हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। “सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व” के मूल मंत्र के साथ एसएसबी लगातार ग्रामीणों के बीच मानवीय सेवा का कार्य कर रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों दोन इलाका के सिंगड़हवा गांव की 27 वर्षीय गर्भवती सुमन देवी की मौत हो गई थी। मौत होने कारण में ग्रामीणों के अनुसार बरसात के वजह से रास्ते की कठिनाइयां समय पर इलाज नहीं होने दिया,उसके प्रसव पीड़ा शुरू होने पर स्वजन उसे ट्रैक्टर से हरनाटांड़ पीएचसी ले जा रहे थे। इसी दौरान हरहा नदी में बढ़े हुए जलस्तर के कारण ट्रैक्टर फंस गया। नदी का रास्ता काफी खराब होने के कारण वाहन बीच रास्ते में फंस गया, इस दौरान प्रसव पीड़ा से तड़प रही सुमन की हालत बिगड़ती गई और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द नाथ तिवारी

