आठ साल तक देश सेवा के बाद रिटायर हुई एसएसबी की खोजी श्वान ‘क्यूटी’, निःशुल्क गोद लेने की प्रक्रिया शुरू

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आठ साल तक देश सेवा के बाद रिटायर हुई एसएसबी की खोजी श्वान ‘क्यूटी’, निःशुल्क गोद लेने की प्रक्रिया शुरू


सुपौल, 26 जून (हि.स.)। बिहार में सुपौल जिले के भारत-नेपाल सीमा पर स्थित 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), वीरपुर की मादक पदार्थ खोजी श्वान ‘क्यूटी’ अब सेवानिवृत्त हो गई है। इसके साथ ही एसएसबी ने जर्मन शेफर्ड नस्ल की इस मादा श्वान को निःशुल्क गोद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बल ऐसे जिम्मेदार श्वान प्रेमियों और संस्थानों की तलाश में है, जो उसे सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और देखभाल भरा वातावरण दे सकें।

आठ वर्षों तक निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

एसएसबी की 45वीं वाहिनी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार ‘क्यूटी’ का जन्म 27 अप्रैल 2018 को हुआ था। निर्धारित आठ वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने के बाद उसे बल के प्रचलित नियमों के तहत सेवानिवृत्त कर दिया गया है। अपने सेवाकाल में ‘क्यूटी’ ने मादक पदार्थों की पहचान और सुरक्षा अभियानों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।

एसएसबी अधिकारियों के अनुसार उसने कई अभियानों में अपनी दक्षता और सूझबूझ का परिचय दिया तथा उसकी सेवाएं बल के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहीं।गोद लेने के लिए पूरी करनी होंगी शर्तें। एसएसबी ने स्पष्ट किया है कि इच्छुक आवेदकों को लिखित घोषणा देनी होगी कि वे श्वान की मृत्यु तक उसकी समुचित देखभाल, चिकित्सा और प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे। साथ ही यह भी प्रमाणित करना होगा कि ‘क्यूटी’ का उपयोग किसी प्रकार के व्यावसायिक या प्रजनन संबंधी कार्यों में नहीं किया जाएगा।

बल ने यह भी कहा है कि यदि गोद लेने वाला व्यक्ति निर्धारित शर्तों का पालन करने में असफल पाया जाता है, तो एसएसबी को श्वान वापस लेने का पूरा अधिकार होगा। ऐसी स्थिति में किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया जाएगा।

प्राथमिकता के आधार पर होगा चयन

एसएसबी के अनुसार प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद प्राथमिकता और चयन प्रक्रिया के आधार पर ‘क्यूटी’ को निःशुल्क गोद दिया जाएगा। सरकारी संस्थान, विभाग, बल के सदस्य, गैर-सरकारी संगठन और आम नागरिक भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। देश सेवा का लंबा सफर पूरा करने के बाद अब ‘क्यूटी’ ऐसे नए घर की तलाश में है, जहां उसे प्यार, देखभाल और एक सुरक्षित आश्रय मिल सके।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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